एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को फटकार लगाई है। 24 मार्च 2024 को मुंबई के एयरस्पेस में दो बड़े प्लेन, EL AL Israel Airlines और Qatar Airways के Boeing 777, एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए थे। AAIB ने AAI को कहा है कि वे अपनी वॉच ब्रीफिंग (Watch Briefing) और शिफ्ट हैंडओवर (Shift Handover) प्रक्रियाओं को तुरंत ठीक करें।
Detailed Coverage
क्या हुआ था 24 मार्च को?
24 मार्च 2024 को मुंबई के फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन (Mumbai Flight Information Region) में दो बड़े यात्री विमान, EL AL Israel Airlines और Qatar Airways के Boeing 777, एक-दूसरे के बहुत करीब आ गए थे। इस घटना को 'एयरप्रॉक्स' (Airprox) कहा जाता है, जिसका मतलब है कि विमानों के बीच की दूरी खतरनाक स्तर तक कम हो गई थी।
कंट्रोलर्स की लापरवाही और ऑटोमेशन पर ज्यादा भरोसा
AAIB की 41 पन्नों की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि ड्यूटी पर मौजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (DATCOs) स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (SOPs) का पालन नहीं कर रहे थे। सबसे बड़ी गड़बड़ी यह पाई गई कि कंट्रोलर्स मैन्युअल तरीके से प्लेन की पोजिशन ट्रैक करने के बजाय, ऑटोमेटेड सिस्टम के अलर्ट पर ही ज्यादा निर्भर थे। रिपोर्ट के मुताबिक, कंट्रोलर्स ने फ्लाइट प्रोग्रेस स्ट्रिप्स (Flight Progress Strips) को ठीक से चेक नहीं किया, जो मैन्युअल रूप से किसी भी संभावित टक्कर का पता लगाने के लिए बहुत जरूरी हैं। AAIB ने जोर देकर कहा कि ऑटोमेटेड सिस्टम सिर्फ एक सेफ्टी बैकअप होना चाहिए, न कि एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट का मुख्य जरिया।
शिफ्ट बदलने के नियमों में बड़ी गड़बड़ी
जांच में यह भी सामने आया कि ड्यूटी कंट्रोलर्स के बीच शिफ्ट बदलने (Handing Over Watch - HOW और Taking Over Watch - TOW) की प्रक्रिया भी ठीक नहीं थी। दोनों कंट्रोलर्स ने ब्रीफिंग को लेकर अलग-अलग बातें बताईं, जिससे साफ हुआ कि यह सिस्टम या तो ठीक से काम नहीं कर रहा है या कंट्रोलर्स को इसकी सही जानकारी नहीं है। AAIB ने AAI को तुरंत इन प्रोटोकॉल्स की जांच करने और यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि शिफ्ट बदलने के दौरान कम्युनिकेशन स्टैंडर्ड हो, उसका रिकॉर्ड रखा जाए और वह प्रभावी हो।
ट्रेनिंग और सुपरविजन में कमी
रिपोर्ट में ट्रेनी कंट्रोलर्स को दी जाने वाली ट्रेनिंग और उनके सुपरविजन पर भी सवाल उठाए गए हैं। पाया गया कि एक सीनियर कंट्रोलर ने एक जरूरी समय पर ट्रेनी कंट्रोलर को चल रहे एयर ट्रैफिक कन्फ्लिक्ट (traffic conflict) के बारे में न तो बताया और न ही उसे सुपरवाइज किया। AAIB का सुझाव है कि AAI को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) सुपरविजन को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि मुश्किल हालात में इंस्ट्रक्टर्स की पैनी नजर बनी रहे। यह भी देखा गया कि कई कंट्रोलर्स ने ऑटोमेटेड अलर्ट आने तक इस खतरे को पहचाना ही नहीं। अब यह देखना होगा कि AAI अपनी ट्रेनिंग मैनुअल्स को कैसे अपडेट करता है, SOPs का पालन कैसे सुनिश्चित करता है और शिफ्ट के दौरान सुपरविजन कितना सख्त करता है।
