Air India: मिड-एयर हादसे में पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव, कंपनी पर बढ़ा संकट

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AuthorNeha Patil|Published at:
Air India: मिड-एयर हादसे में पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव, कंपनी पर बढ़ा संकट

4 अगस्त को हुए मिड-एयर हादसे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एयर इंडिया की फ्लाइट के अचानक **300 फीट** नीचे गिरने के मामले में पायलट 'साइकोएक्टिव सब्सटेंस' टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है, जिससे विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हादसे का सच और सुरक्षा में सेंध

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती जांच में पुष्टि हुई है कि बैंकॉक से दिल्ली आ रही फ्लाइट (AI2379) के पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आया है। ओडिशा के ऊपर उड़ते समय विमान अचानक 300 फीट नीचे गिर गया था, जिससे 20 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर्स समेत कुल 24 लोग घायल हो गए थे। जांच में यह भी पता चला कि विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम पल भर के लिए पूरी तरह फेल हो गए थे। फिलहाल, दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है और सुरक्षा प्रोटोकॉल की सघन जांच की जा रही है।

वित्तीय मोर्चे पर बढ़ती चुनौतियां

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब एयर इंडिया पहले से ही भारी आर्थिक दबाव से जूझ रही है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹22,238 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा है। एयरलाइन पर कुल कर्ज का बोझ ₹40,000 करोड़ के आसपास है। हालांकि, Tata Sons ने कंपनी को उबारने के लिए ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की नई पूंजी डालने की मंजूरी दी है, लेकिन निवेशकों की नजर अब इस पर है कि कंपनी घाटे से बाहर निकलने का रास्ता कैसे बनाती है।

रेगुलेटरी एक्शन और भविष्य की राह

इस घटना के बाद अब DGCA एयरलाइन सेक्टर के लिए सख्त नियम लाने पर विचार कर रहा है। जल्द ही सभी पायलटों के लिए सालाना 100% रैंडम ड्रग टेस्टिंग अनिवार्य की जा सकती है। अब सभी की निगाहें फाइनल टेक्निकल रिपोर्ट पर हैं, जिससे पता चलेगा कि हाइड्रोलिक सिस्टम आखिर फेल क्यों हुआ था। एयर इंडिया के सामने अब मुख्य चुनौती अपनी सेफ्टी इमेज को सुधारने और फाइनेंशियल रिकवरी को पटरी पर लाने की है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.