Wonderla Holidays Ltd. ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए ₹14,145 लाख का रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 12% की जोरदार बढ़ोतरी है। इस टॉप-लाइन ग्रोथ का मुख्य श्रेय 2 दिसंबर, 2025 को लॉन्च हुए नए चेन्नई पार्क और 'Isle by Wonderla' रिसॉर्ट जैसे हॉस्पिटैलिटी कारोबार के शानदार प्रदर्शन को जाता है। कंपनी के एवरेज रेवेन्यू पर विजिटर (ARPU) में 8% से अधिक की सालाना (YoY) वृद्धि देखने को मिली। लेकिन, चिंता की बात यह है कि कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 13% गिरकर ₹3,217 लाख रहा, और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 29% की भारी गिरावट आई और यह ₹1,448 लाख पर आ गया।
रिपोर्ट के अनुसार, Q3 FY26 के लिए EBITDA मार्जिन घटकर 23% हो गया, जो पिछले साल 29% था। हालांकि, नए लेबर कोड से जुड़े ₹8.05 करोड़ के एकमुश्त खर्चों को एडजस्ट (Adjust) करने के बाद, एडजस्टेड EBITDA में 8% की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह ₹4,023 लाख पर पहुंच गया। एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 28% रहा, जो पिछले साल के 29% से थोड़ा कम है। रेवेन्यू में अच्छी खासी बढ़ोतरी और मुनाफे में आई तेज गिरावट के बीच का यह बड़ा अंतर, नए पार्क लॉन्च और हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स से जुड़े बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों या इंटीग्रेशन (Integration) से जुड़ी लागतों की ओर इशारा करता है। कंपनी के फुटफॉल (Footfall) में 0.1% की मामूली 0.1% की गिरावट आई और यह 9.17 लाख रहा, जिससे पता चलता है कि रेवेन्यू ग्रोथ बढ़ी हुई विजिटर वॉल्यूम के बजाय प्रति विजिटर अधिक खर्च से आई है।
वहीं, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों (Nine-Month Period) के लिए, कुल आय 9% बढ़कर ₹40,903 लाख रही। इसके बावजूद, एडजस्टेड EBITDA में 2% की गिरावट आई और यह ₹12,439 लाख दर्ज किया गया, जबकि PAT में 34% की भारी गिरावट के साथ यह ₹6,531 लाख पर आ गया।
मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी ने अनुशासित तरीके से अपने ऑपरेशंस को संभाला है, सेल्स और मार्केटिंग पहलों को प्रभावी ढंग से लागू किया है, डिजिटल बुकिंग चैनलों को अपनाया है, और ग्राहक अनुभव तथा प्रीमियम पेशकशों पर खास ध्यान दिया है। कंपनी का आगे का फोकस टेक्नोलॉजी का लाभ उठाना, ऑपरेशनल डिसिप्लिन बनाए रखना और Guest Insights के ज़रिये टिकाऊ ग्रोथ (Sustainable Growth) हासिल करना है। मैनेजमेंट ने भविष्य के मार्जिन या प्रॉफिटेबिलिटी के लक्ष्यों पर कोई खास क्वांटिटेटिव गाइडेंस (Quantitative Guidance) नहीं दिया।
इन नतीजों से सामने आने वाला मुख्य जोखिम मार्जिन का संकुचित होना और PAT में गिरावट है, जो कंपनी की विस्तार रणनीति की लागत-प्रभावशीलता (Cost-Efficiency) पर सवाल खड़े करता है। निवेशकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि कंपनी अपने ऑपरेशनल खर्चों को कैसे नियंत्रित करती है और नए एसेट्स से बढ़े हुए फुटफॉल और रेवेन्यू को बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी में कैसे बदल पाती है। लंबी अवधि का Outlook, ग्रोथ की गति बनाए रखने के साथ-साथ खर्चों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने और नए वेंचर्स, खासकर चेन्नई पार्क और हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ाने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
