Sterling Holiday Resorts: अब नहीं बेचेंगे मेंबरशिप! होटल बिजनेस पर फोकस, जल्द होगी स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग

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AuthorMehul Desai|Published at:
Sterling Holiday Resorts: अब नहीं बेचेंगे मेंबरशिप! होटल बिजनेस पर फोकस, जल्द होगी स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग

Sterling Holiday Resorts ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब वेकेशन मेंबरशिप बेचना बंद कर रही है और पूरी तरह से पारंपरिक होटल ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह कदम कंपनी के डी-मर्जर और स्टॉक मार्केट में अलग लिस्टिंग की योजना का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 2027 तक **4,500** कमरे करना है।

मेंबरशिप की जगह अब होटल पर पूरा जोर

Sterling Holiday Resorts, जो Thomas Cook India का हिस्सा है, अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव ला रही है। कंपनी अब अपने पुराने वेकेशन ओनरशिप (Vacation Ownership) मॉडल से हटकर पारंपरिक होटल बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करेगी। कंपनी ने करीब ढाई साल पहले ही नई मेंबरशिप की बिक्री रोक दी थी। यह बड़ा रणनीतिक कदम कंपनी की अपने पैरेंट ग्रुप से डी-मर्जर (Demerger) और स्टॉक मार्केट में अलग लिस्टिंग की योजना के तहत उठाया गया है।

नए बिजनेस मॉडल के फायदे

Sterling के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, विक्रम लालवानी ने कहा कि भले ही मेंबरशिप मॉडल ने कंपनी को पहले फायदा पहुंचाया हो, लेकिन यह लंबे समय के लिए सबसे कारगर आर्थिक रणनीति नहीं हो सकती। स्टैंडर्ड होटल मॉडल अपनाने से Sterling को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी और यह ज्यादा यात्रियों को आकर्षित कर सकेगी। फिलहाल, कंपनी के पास 78 रिसॉर्ट्स और होटल्स हैं, जिनमें 3,800 से ज्यादा कमरे हैं। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक 95 प्रॉपर्टीज और 4,500 कमरों तक पहुंचना है।

हालांकि, नई मेंबरशिप की बिक्री बंद हो गई है, लेकिन कंपनी अपने मौजूदा करीब 50,000 पुराने सदस्यों का समर्थन जारी रखेगी। ये सदस्य अभी भी रूम ऑक्यूपेंसी (Room Occupancy) में 10% से 15% का योगदान करते हैं, जिससे कंपनी को एक स्थिर रेवेन्यू मिलता है। यह बेस कंपनी को नए सेगमेंट, जैसे कि Karwar और Madurai जैसे बिजनेस और मिक्स-डिमांड डेस्टिनेशन (Mixed-demand destinations) में तेजी से विस्तार करने में मदद करेगा।

वित्तीय सेहत और विस्तार की योजना

कंपनी ने लगातार 25वीं तिमाही में मुनाफा दर्ज कराया है, जो इसकी मजबूत वित्तीय सेहत को दर्शाता है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए Sterling ने ₹548.7 करोड़ का रेवेन्यू और ₹170.1 करोड़ का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) दर्ज किया है। खास बात यह है कि कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है (Debt-free balance sheet), जिससे विस्तार योजनाओं के लिए काफी फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है। कंपनी अपनी प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो में विविधता ला रही है, जिसमें खुद के, लीज पर लिए गए और मैनेज्ड एसेट्स (Managed assets) शामिल हैं। फिलहाल 45% रूम इन्वेंट्री कंपनी के खुद के स्वामित्व में है।

आने वाले 12 से 15 महीनों में Sterling करीब 2,000 कमरे 35 नए होटलों में जोड़ने की योजना बना रही है। यह विस्तार पिलग्रिमेज साइट्स (Pilgrimage sites), वाइल्डलाइफ रिट्रीट्स (Wildlife retreats) और लोकप्रिय ड्राइव-टू डेस्टिनेशन्स (Drive-to destinations) जैसे हाई-डिमांड कैटेगरी पर केंद्रित होगा। इससे कंपनी का पारंपरिक रूप से केवल सीजनल लेजर ट्रैवल (Seasonal leisure travel) पर निर्भरता कम होगी।

बदलते बाजार की मांग

बिजनेस स्ट्रेटेजी में यह बदलाव भारतीय टूरिज्म सेक्टर में हो रहे बड़े बदलावों को दर्शाता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि यात्री अब पारंपरिक टाइम-शेयर कॉन्ट्रैक्ट्स (Timeshare contracts) की तरह लंबे समय की प्रतिबद्धताओं के बजाय फ्लेक्सिबल, ऑन-डिमांड बुकिंग प्लेटफॉर्म्स (On-demand booking platforms) की ओर बढ़ रहे हैं। बढ़ते मेंटेनेंस फीस (Maintenance fees) और पीक सीजन (Peak season) में बुकिंग की दिक्कतें भी वेकेशन ओनरशिप मॉडल में रुचि कम होने के कारण हैं। इन प्राथमिकताओं के अनुसार खुद को ढालकर, Sterling आधुनिक उपभोक्ता व्यवहार और प्रतिस्पर्धी मार्केट डायनामिक्स (Competitive market dynamics) के साथ अपने ऑपरेशंस को बेहतर ढंग से अलाइन करने की पोजिशन में ला रही है। निवेशक आने वाली तिमाहियों में प्लान किए गए डी-मर्जर की प्रगति और नई रूम कैपेसिटी (Room capacity) के विस्तार पर नजर रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.