Skyscanner की रिपोर्ट: 67% भारतीय अब文化 (Culture) वाली छुट्टियां पसंद कर रहे हैं!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Skyscanner की रिपोर्ट: 67% भारतीय अब文化 (Culture) वाली छुट्टियां पसंद कर रहे हैं!

Skyscanner की एक नई रिपोर्ट बताती है कि 67% भारतीय यात्री अब अपनी छुट्टियों के लिए ऐतिहासिक स्थलों, त्योहारों और स्थानीय खान-पान को ज़्यादा अहमियत दे रहे हैं। यह बदलाव घरेलू पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए नए मौके खोल रहा है, हालांकि यात्रा की बढ़ती लागत कई परिवारों के लिए एक बड़ी बाधा बनी हुई है।

भारतीय यात्री अब अपनी छुट्टियों की प्लानिंग में बड़ा बदलाव कर रहे हैं। वे सिर्फ घूमने-फिरने से हटकर, यादगार और कल्चरल अनुभवों की ओर बढ़ रहे हैं। Skyscanner की 'इंडिया कल्चर ट्रेवल इंडेक्स' रिपोर्ट के अनुसार, 67% लोगों ने डेस्टिनेशन चुनते समय ऐतिहासिक धरोहरों, त्योहारों और क्षेत्रीय खान-पान को प्राथमिकता दी है। यह ट्रेंड खासतौर पर घरेलू यात्रा में देखा जा रहा है, जहाँ 84% यात्रियों ने पिछले सालों की तुलना में भारत की सांस्कृतिक जड़ों को एक्सप्लोर करने में ज़्यादा दिलचस्पी दिखाई है।

यात्रा और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर असर

यह बदलाव ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी और एविएशन सेक्टर की कंपनियों के लिए बड़े मायने रखता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 47% यात्री खास तौर पर ऐतिहासिक इमारतों को देखने के लिए यात्रा प्लान कर रहे हैं। ऐसे में राजस्थान, केरल और उत्तराखंड जैसे राज्यों, जहाँ ऐतिहासिक स्थलों की भरमार है, में डिमांड बने रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, फेस्टिवल्स के आसपास यात्रा करने वाले यात्रियों का प्रतिशत 72% है। यह बताता है कि जो होटल और ट्रैवल एजेंसियां दुर्गा पूजा या गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारों के लिए खास पैकेज लेकर आएंगी, वे बाज़ार का बड़ा हिस्सा कैप्चर कर सकती हैं।

घरेलू पर्यटन के अलावा, 46% भारतीय यात्री पहले ही कल्चरल इवेंट्स या हेरिटेज ट्रेल्स के लिए इंटरनेशनल डेस्टिनेशंस की यात्रा कर चुके हैं। डेटा यह भी दिखाता है कि पर्यटन अब छोटे शहरों की ओर भी बढ़ रहा है, जहाँ 25% यात्री टियर-2 और टियर-3 शहरों को एक्सप्लोर कर रहे हैं। इससे क्षेत्रीय पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को फायदा हो सकता है, लेकिन इन जगहों पर बेहतर कनेक्टिविटी और स्टैंडर्ड सर्विसेज की ज़रूरत भी बढ़ेगी।

मुख्य जोखिम और ध्यान देने योग्य बातें

कल्चर-फोकस्ड ट्रैवल की डिमांड भले ही बढ़ रही हो, लेकिन इस सेक्टर को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जो ग्रोथ को सीमित कर सकती हैं। Skyscanner की रिपोर्ट में 37% लोगों के लिए यात्रा की ज़्यादा लागत को एक बड़ी बाधा बताया गया है। निवेशकों के लिए इसका मतलब है कि प्रीमियम कल्चरल अनुभवों की मांग बढ़ने के बावजूद, कीमतें अभी भी एक बड़ा फैक्टर हैं। ऐसे में, जिन ट्रैवल प्रोवाइडर्स की कॉस्ट मैनेजमेंट अच्छी नहीं होगी, उनके प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, 49% यात्रियों ने सुरक्षा चिंताओं का ज़िक्र किया है, जो किसी खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन की रेप्युटेशन और फुटफॉल को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है।

हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म सेक्टर में निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनियां इन लागतों और सुरक्षा संबंधी दबावों को कैसे मैनेज करती हैं। अगला महत्वपूर्ण पॉइंट यह होगा कि हॉस्पिटैलिटी प्रोवाइडर्स इन अनुभवात्मक पैकेजों को ऐसी कीमतों पर कैसे कस्टमाइज़ करके डिलीवर कर पाते हैं, जो आम मिडिल-क्लास ग्राहकों को आकर्षित कर सकें। जैसे-जैसे यात्री फूड ट्रेल्स या फेस्टिवल्स जैसे खास अनुभवों के इर्द-गिर्द अपनी यात्राएं बना रहे हैं, फर्म्स की ऑथेंटिक और सीमलेस लॉजिस्टिक्स प्रोवाइड करने की क्षमता ही अगले साल उनके कॉम्पिटिटिव एडवांटेज को डिफाइन करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.