सिंगापुर का खूबसूरत आइलैंड Sentosa, भारतीय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में भारतीय आगंतुकों में **8%** का इजाफा हुआ है। अब Sentosa Corporation भारतीय कंपनियों को 'ग्रेटर Sentosa मास्टर प्लान' के बारे में बताकर उन्हें निवेश के लिए आकर्षित करने की कोशिश कर रही है।
भारत बना Sentosa का सबसे बड़ा सोर्स मार्केट!
Sentosa Development Corporation भारत से आने वाले पर्यटकों और बिजनेस इन्वेस्टमेंट्स को बढ़ाने के लिए अपने प्रयास तेज कर रही है। मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के अनुसार, भारत इस आइलैंड के लिए सबसे बड़ा इंटरनेशनल सोर्स मार्केट बनकर उभरा है। भारत से सालाना 20 लाख पर्यटक Sentosa आते हैं, जो कुल 1.5 करोड़ पर्यटकों का एक बड़ा हिस्सा है। पिछले साल भारतीय पर्यटकों के आगमन में 8% की वृद्धि देखी गई है। इस शानदार ग्रोथ को देखते हुए, Sentosa Corporation ने इस क्षेत्र के लिए अपनी मार्केटिंग स्ट्रैटेजी को और बेहतर बनाने का फैसला किया है।
'ग्रेटर Sentosa मास्टर प्लान' को बढ़ावा
सिर्फ टूरिज्म ही नहीं, बल्कि Sentosa Corporation अब भारतीय कंपनियों को 'ग्रेटर Sentosa मास्टर प्लान' के बारे में भी सक्रिय रूप से बता रही है। यह एक 20 साल की लंबी योजना है, जिसका मकसद अगले दो दशकों में Sentosa और Brani आइलैंड्स को जोड़ना है। इस प्रोजेक्ट के जरिए नए कमर्शियल और रिक्रिएशनल स्पेस तैयार किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र ग्लोबल बिजनेस एक्सपेंशन के लिए एक अहम डेस्टिनेशन बन सके।
Sentosa आइलैंड, सिंगापुर के सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट से सिर्फ 15 मिनट और चांगी एयरपोर्ट से 25 मिनट की दूरी पर है। Sentosa Corporation इन लॉजिस्टिकल फायदों का इस्तेमाल करके उन कॉर्पोरेट पार्टनर्स को आकर्षित करना चाहती है, जो बिजनेस फैसिलिटीज को एक बड़े टूरिज्म हब के साथ इंटीग्रेट करने से फायदा उठा सकते हैं।
आगे क्या?
हालांकि, टूरिज्म में ग्रोथ एक मजबूत आधार है, लेकिन 'ग्रेटर Sentosa मास्टर प्लान' की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रोजेक्ट को कितनी अच्छी तरह से एग्जीक्यूट किया जाता है और आने वाले दशकों में इंटरनेशनल बिजनेस का कितना साथ मिलता है। इस प्रोजेक्ट का स्केल बहुत बड़ा है, इसलिए इसमें काफी कैपिटल खर्च होगा और डेवलपमेंट टाइमलाइन्स भी लंबी होंगी। Sentosa Corporation भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है, ऐसे में यह देखना अहम होगा कि वे क्षेत्रीय टूरिज्म की प्रतिस्पर्धा और ग्लोबल ट्रैवल ट्रेंड्स के बीच अपनी ग्रोथ को कैसे बनाए रखते हैं।
