Rosetta Hospitality ने भारत में अपने लक्जरी रिसॉर्ट पोर्टफोलियो को विस्तार देने के लिए ₹650 करोड़ के भारी निवेश की योजना बनाई है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल सकलेशपुर, गोवा और कल्लेलापुरा में अपनी क्षमता बढ़ाने और डेस्टिनेशन वेडिंग व कॉरपोरेट कॉन्फ्रेंसिंग मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए करेगी।
फंडिंग का नया मॉडल
कंपनी ने विकास के इस नए चरण के लिए एक संतुलित फंडिंग मॉडल अपनाया है। कुल ₹650 करोड़ के निवेश में से ₹500 करोड़ कंपनी अपने इंटरनल एक्रुअल्स और प्रमोटर योगदान से जुटाएगी, जबकि ₹150 करोड़ का इंतजाम कर्ज (Debt) के जरिए किया गया है। यह रणनीति कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी को बनाए रखने में मदद करेगी।
एसेट्स का विस्तार और नई क्षमताएं
कंपनी का मुख्य फोकस हाई-ट्रैफिक वाले लेजर लोकेशन पर है:
- सकलेशपुर: यहाँ 30 नए विला बनाए जा रहे हैं, जिससे करीब 90 कमरे बढ़ जाएंगे। साथ ही, 20,000 वर्ग फुट का एक कन्वेंशन सेंटर तैयार किया जा रहा है ताकि कॉरपोरेट कॉन्फ्रेंसिंग से मिलने वाली स्थिर कमाई का फायदा उठाया जा सके।
- गोवा: 'Elements by Rosetta' का दूसरा चरण शुरू हो चुका है, जिसमें 65 नए सुइट्स और एक डेडिकेटेड कन्वेंशन फैसिलिटी जोड़ी जा रही है।
- कल्लेलापुरा (चिक्काबल्लापुरा): यहाँ प्रोजेक्ट के दायरे को बड़ा कर दिया गया है। पहले 80 कमरों के बजाय अब यहाँ लगभग 140 कमरे बनाने की योजना है।
आगे की रणनीति
Rosetta Hospitality अब हैदराबाद, महाबलीपुरम और नीलगिरि जैसे बड़े शहरी केंद्रों के पास 80 से 100 एकड़ की जमीन तलाश रही है। कंपनी 'रिसॉर्ट-प्लस-रेसिडेंस' मॉडल पर शिफ्ट हो रही है। हालांकि, इतने बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के साथ कॉस्ट ओवररन और प्रीमियम ट्रैवल सेगमेंट में डिमांड में उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बना रहता है, जिसे लेकर निवेशक सतर्क नजर रख रहे हैं।
