बेल्जियम में मुख्यालय वाले रेडिसन होटल ग्रुप ने भारत के लिए महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक 500 होटलों का पोर्टफोलियो और 50,000 कर्मचारियों की संख्या तक पहुंचना है। एली यूनिस, कार्यकारी उपाध्यक्ष और ग्लोबल चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर ने बताया कि समूह वर्तमान में लगभग 130 होटल संचालित कर रहा है और 70 से अधिक निर्माणाधीन हैं। उनका लक्ष्य 2026 तक 250-260 खुले होटलों तक पहुंचना है, और 2030 तक कुल 500 हो जाएंगे, जिसमें लगभग 250-300 खुले होटल और लगभग 200 निर्माणाधीन होंगे। कर्मचारियों की संख्या भी वर्तमान 17,000 से बढ़कर 2030 तक 50,000 हो जाएगी। श्री यूनिस ने जोर दिया कि भविष्य का विकास मुख्य रूप से टियर-II से टियर-IV शहरों और हवाई अड्डे के होटलों से होगा। उन्होंने विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कुछ उपाय भी सुझाए, जैसे वीज़ा नियमों को सरल बनाना और बेहतर हवाई यात्रा के लिए एयरलाइन बुनियादी ढांचे को बढ़ाना। समूह अगले पांच वर्षों के लिए ब्रांडेड रेजिडेंस (Branded Residences) सेगमेंट को एक पूरक, गैर-मुख्यधारा मॉडल के रूप में देख रहा है।
प्रभाव: यह विस्तार भारतीय हॉस्पिटैलिटी उद्योग के लिए एक बड़ी विकास गति का प्रतीक है, जिससे महत्वपूर्ण रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और छोटे शहरों में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सकता है। इससे क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और नवाचार भी बढ़ सकता है। रेटिंग: 7/10।
कठिन शब्द:
पोर्टफोलियो: संपत्तियों का एक संग्रह, इस मामले में, समूह के स्वामित्व वाले या प्रबंधित होटल।
टियर-II से टियर-IV शहर: जनसंख्या और आर्थिक गतिविधि के आधार पर भारत के शहरों का वर्गीकरण, जिसमें टियर-I सबसे बड़े महानगरीय क्षेत्र हैं, उसके बाद टियर-II, टियर-III और टियर-IV घटते क्रम में हैं।
ब्रांडेड रेजिडेंसेस: आवासीय संपत्तियां, जैसे अपार्टमेंट या विला, जिन्हें किसी होटल या हॉस्पिटैलिटी कंपनी के ब्रांड नाम के तहत विकसित और संचालित किया जाता है, अक्सर होटल जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं।
एयरपोर्ट होटल्स: हवाई अड्डे के परिसरों के निकट या भीतर स्थित आवास सुविधाएं, जो यात्रियों के लिए होती हैं।