ओडिशा सरकार ने टूरिज्म सेक्टर में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए एक डिजिटल पोर्टल और डेडिकेटेड लैंड बैंक लॉन्च किया है। सरकार ने इसके लिए **₹1,500 करोड़** का बजट रखा है और कैपिटल सब्सिडी को बढ़ाकर **₹120 करोड़** कर दिया है।
ओडिशा सरकार ने टूरिज्म सेक्टर में नौकरशाही की बाधाओं को कम करने और प्राइवेट कैपिटल को आकर्षित करने के लिए एक नया 'टूरिज्म इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट सिस्टम' पेश किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 3 अक्टूबर 2026 को सातवें 'ओडिशा ट्रैवल बाजार' में इस पोर्टल का उद्घाटन किया।
इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर जोर
सरकार ने 2026-31 के दौरान टूरिज्म से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए ₹1,500 करोड़ का फंड आवंटित किया है। प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कैपिटल सब्सिडी की सीमा को बढ़ाकर ₹120 करोड़ कर दिया गया है। इतना ही नहीं, होटल इंडस्ट्री के लिए एंट्री बैरियर को कम करते हुए स्टार-रेटेड होटलों के लिए कमरों की न्यूनतम संख्या 50 से घटाकर 10 कर दी गई है।
लैंड बैंक और विस्तार की राह
सरकार ने 5,500 एकड़ का एक विशाल लैंड बैंक तैयार किया है, जिससे 575 किलोमीटर लंबी तटरेखा के किनारे रिजॉर्ट्स और टूरिज्म फैसिलिटीज बनाने में आसानी होगी। हॉस्पिटैलिटी और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनियों के लिए यह एक बड़ा मौका है, बशर्ते जमीन के आवंटन और प्रोजेक्ट्स की मंजूरी समय पर मिले।
चुनौतियां और सुरक्षा पर फोकस
इन्वेस्टर्स के लिए पर्यावरण संबंधी मंजूरी (खासकर भितरकनिका नेशनल पार्क जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के पास) और साल भर डिमांड बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है। वहीं, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए 29 मुख्य स्थानों पर 'टूरिस्ट पुलिस' की तैनाती और तटों पर 1,000 लाइफगार्ड्स की नियुक्ति की योजना भी बनाई गई है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि ये नीतियां कितनी तेजी से जमीन पर उतरती हैं और प्राइवेट फर्म्स इसका कितना लाभ उठा पाती हैं।
