Odisha सरकार ने कॉरपोरेट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए देश का पहला डेडिकेटेड MICE पोर्टल पेश किया है। 7वें Odisha Travel Bazaar के दौरान लॉन्च हुए इस पोर्टल से इवेंट प्लानर्स को वित्तीय मदद पाने में आसानी होगी। साथ ही, सरकार ने टूरिज्म प्रोजेक्ट्स के लिए सब्सिडी लिमिट को **₹20 करोड़** से बढ़ाकर **₹120 करोड़** कर दिया है।
ओडिशा सरकार ने आधिकारिक तौर पर भारत का पहला डिजिटल MICE (Meetings, Incentives, Conferences, and Exhibitions) टूरिज्म पोर्टल लॉन्च कर दिया है। भुवनेश्वर में आयोजित 7वें 'Odisha Travel Bazaar' के दौरान डिप्टी चीफ मिनिस्टर प्रवती परिदा ने इसका उद्घाटन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इवेंट ऑर्गेनाइजर्स और टूरिज्म इन्वेस्टर्स के लिए वित्तीय आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर पूरी तरह से आसान करना है।
यह लॉन्च 'Odisha Tourism (Amendment) Policy 2026' का हिस्सा है, जिसके जरिए राज्य अपनी अर्थव्यवस्था को भारी उद्योगों से हटाकर सर्विस-सेक्टर की ओर ले जाने की कोशिश कर रहा है। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने कैपिटल सब्सिडी लिमिट को ₹20 करोड़ से बढ़ाकर ₹120 करोड़ कर दिया है। इसके अलावा, प्राइवेट प्लेयर्स को कन्वेंशन सेंटर और होटल बनाने के लिए राज्य सरकार जमीन भी उपलब्ध कराएगी।
हाई-वैल्यू टूरिज्म पर फोकस
इस नए पोर्टल के जरिए ओडिशा खुद को बड़े कॉरपोरेट सम्मेलनों, डेस्टिनेशन वेडिंग्स और स्पोर्ट्स इवेंट्स के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाना चाहता है। सरकार का मानना है कि सब्सिडी और डिजिटल सुविधा मिलने से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में आने वाली नौकरशाही की बाधाएं कम होंगी, जिससे राज्य में बड़े खर्च करने वाले पर्यटक आकर्षित होंगे।
जोखिम और चुनौतियां
हालांकि यह पहल पर्यटन क्षेत्र के लिए सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों को इसके कुछ बड़े जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। इसकी सफलता पूरी तरह से सब्सिडी के सही समय पर भुगतान और सरकारी बाधाओं को दूर करने पर निर्भर है। साथ ही, तटीय क्षेत्र होने के कारण चक्रवात (cyclones) का खतरा हमेशा बना रहता है, जो लंबे समय में टूरिज्म एसेट्स को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, कॉरपोरेट ट्रैवल खर्च में कमी आने से भी इस सेक्टर की डिमांड प्रभावित हो सकती है।
