MakeMyTrip और पर्यटन मंत्रालय 15 अगस्त से 350 से ज़्यादा गाइडेड टूर शुरू कर रहे हैं। कंपनी के प्लेटफॉर्म को मजबूत करने की यह कोशिश, भारत में प्रस्तावित $1 बिलियन के IPO के साथ, Q1 FY27 की मजबूत बुकिंग्स के बाद आई है।
MakeMyTrip का 'देखो अपना देश' अभियान में बड़ा कदम
MakeMyTrip ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के साथ साझेदारी की है। इस पार्टनरशिप के तहत, कंपनी 60 से ज़्यादा शहरों में 350 से अधिक गाइडेड टूर अनुभव (guided tour experiences) प्रदान करेगी। यह पहल 15 अगस्त 2026 से शुरू हो रही है और 'देखो अपना देश' अभियान का हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ ट्रैवल बुकिंग से आगे बढ़कर, व्यवस्थित और क्यूरेटेड एक्टिविटीज़ जैसे साइकिल टूर और हेरिटेज वॉक उपलब्ध कराना है, जिनकी शुरुआत महज़ ₹500 से होगी।
डोमेस्टिक टूरिज्म में बड़ी पैठ बनाने की रणनीति
यह कदम MakeMyTrip के लिए डोमेस्टिक टूरिज्म मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है। कंपनी एंड-टू-एंड ट्रैवल इकोसिस्टम (end-to-end travel ecosystem) पेश करने की कोशिश कर रही है। पहले जो स्थानीय अनुभव बिखरे हुए थे और सिर्फ़ 'वर्ड-ऑफ-माउथ' (word-of-mouth) पर निर्भर थे, उन्हें डिजिटल बनाकर और स्टैंडर्डाइज करके, MakeMyTrip अपने प्लेटफॉर्म पर यूज़र्स का समय बढ़ाना चाहती है और क्रॉस-सेलिंग के अवसर बढ़ाना चाहती है।
$1 बिलियन के IPO की तैयारी
निवेशकों के लिए यह विस्तार एक बड़े कॉरपोरेट माइलस्टोन के साथ हो रहा है। जुलाई 2026 में, MakeMyTrip (India) Ltd ने भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर $1 बिलियन के प्रस्तावित IPO के लिए SEBI के पास गोपनीय रूप से ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। यह लिस्टिंग एक अहम पड़ाव है, क्योंकि यह कंपनी के लिए भारतीय बाज़ार से कैपिटल जुटाने का एक नया रास्ता खोलेगी।
Q1 FY27 के मजबूत नतीजे
कंपनी का यह कदम Q1 FY27 के मजबूत नतीजों की पृष्ठभूमि में आया है। इस तिमाही में MakeMyTrip ने $2.9 बिलियन की ग्रॉस बुकिंग दर्ज की, जो कि कांस्टेंट करेंसी में 19.9% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दिखाती है। ये नतीजे ट्रैवल की डिमांड में लगातार बढ़ोतरी का संकेत देते हैं।
निवेशकों के लिए अहम बातें
हालांकि गाइडेड टूर जैसे नए अनुभवों से कंपनी की सर्विस रेंज बढ़ रही है, लेकिन निवेशकों को कुछ खास जोखिमों पर भी नज़र रखनी चाहिए। कंपनी का फाइनेंशियल मॉडल बड़े पैमाने पर थर्ड-पार्टी ट्रैवल सप्लायर्स पर निर्भर है, जिससे सर्विस क्वालिटी या मार्जिन पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, ट्रैवल सेक्टर मैक्रोइकोनॉमिक बदलावों और इंटरनेशनल ट्रैवल पैटर्न की अस्थिरता के प्रति संवेदनशील रहता है। निवेशक अक्सर वैल्यूएशन मेट्रिक्स और डिविडेंड (dividend) की अनुपस्थिति जैसे कारकों को देखते हैं, जो आगामी भारतीय IPO के लिए महत्वपूर्ण विचार हैं। इन नए गाइडेड टूर्स की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी इन स्थानीय अनुभवों को अपने मौजूदा बुकिंग फ्लो में कितनी प्रभावी ढंग से एकीकृत करती है और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में ऑपरेशनल कंसिस्टेंसी बनाए रखती है।
