क्यों गिरी कंपनी की कमाई?
Q4 FY26 में MHRIL का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹72.94 करोड़ से गिरकर ₹41.49 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹778.83 करोड़ से बढ़कर ₹820.29 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी ने बताया कि डोमेस्टिक ऑपरेशन्स में अच्छी ग्रोथ दिखी, खासकर नए KEYSTONE प्रोडक्ट की डिमांड और नेटवर्क एक्सपेंशन के कारण। रिसॉर्ट रेवेन्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ जारी रही और ऑक्युपेंसी 80% से ऊपर बनी रही।
खर्चों का बोझ बना मुनाफा कम होने की वजह
राजस्व में बढ़ोतरी के बावजूद, कुल एक्सपेंसेस में 10.5% की भारी बढ़ोतरी हुई, जो ₹778.65 करोड़ तक पहुंच गए। इस वजह से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ा। एक्सपेंसेस बढ़ने के मुख्य कारणों में भारत के नए लेबर लॉज का लागू होना शामिल है, जिनसे एम्प्लॉई-संबंधित खर्चे बढ़े हैं। इसके अलावा, भारतीय रुपये में आई कमजोरी के कारण फॉरेक्स (Foreign Exchange) लॉस ने भी कंपनी की वित्तीय स्थिति को और प्रभावित किया।
बाजार का रुख और वैल्यूएशन पर सवाल
24 अप्रैल 2026 को स्टॉक ₹258.71 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो 52-हफ्ते की रेंज ₹225.00 से ₹382.00 के बीच है। 21 अप्रैल 2026 को MarketsMojo ने कंपनी के फंडामेंटल्स और टेक्निकल सिग्नल्स को देखते हुए 'Strong Sell' रेटिंग दी। MHRIL का मार्केट कैप करीब ₹5,227 करोड़ है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 53 है, जो इसके कॉम्पिटिटर्स EIH Limited (P/E 30-34) और The Indian Hotels Company Ltd (P/E 45-51) से काफी ज्यादा है। पिछले 3 और 5 सालों में स्टॉक का परफॉरमेंस भी कमजोर रहा है। कंपनी पर ₹1,887 करोड़ की कंटीजेंट लायबिलिटीज़ भी हैं।
आगे क्या?
अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन्स भू-राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक मंदी और करेंसी में उतार-चढ़ाव से प्रभावित हो सकते हैं। मैनेजमेंट इन सेगमेंट्स के प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहा है। डोमेस्टिक हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की बात करें तो मांग मजबूत रहने और नेटवर्क बढ़ने से रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन बढ़ते खर्चे और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बीच MHRIL अपने डोमेस्टिक परफॉरमेंस को प्रॉफिट में कैसे बदलेगा, यह देखना बाकी है। एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है, कुछ 'Strong Buy' कह रहे हैं तो कुछ वित्तीय कमजोरियों को देखते हुए 'Strong Sell' की सलाह दे रहे हैं।
