Lemon Tree Hotels के आक्रामक विस्तार प्लान के बीच टैक्स विभाग की नजरें भी कंपनी पर हैं। एक तरफ जहां कंपनी तेजी से अपना फुटप्रिंट बढ़ा रही है, वहीं ₹39.97 लाख की GST डिमांड ने इसकी ऑपरेशनल हेल्थ और वैल्यूएशन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गुजरात में लगातार विस्तार
Lemon Tree Hotels ने हाल ही में गुजरात के गरुड़ेश्वर में एक नई प्रॉपर्टी साइन करने की घोषणा की है। इस नई प्रॉपर्टी के साथ, कंपनी का गुजरात में कुल पोर्टफोलियो अब 32 होटलों तक पहुंच गया है। यह होटल 90 कमरों वाला होगा और इसका संचालन कंपनी की सब्सिडियरी Carnation Hotels करेगी। यह डेवलपमेंट कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के बाद आया है, जिसमें कंपनी ने कुल 56 नए होटल साइन किए और 20 प्रॉपर्टीज़ खोलीं। यह दिखाता है कि कंपनी ग्रोथ के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वैल्यूएशन और टैक्स की चिंताएं
भारत का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर फाइनेंशियल ईयर 26 में 9-12% की ग्रोथ का अनुमान रखता है, जो मुख्य रूप से ट्रैवल और कॉरपोरेट बुकिंग से प्रेरित है। Lemon Tree Hotels का एसेट-लाइट मॉडल इस ट्रेंड के अनुरूप है। लेकिन, कंपनी के वैल्यूएशन पर कुछ सवाल उठ रहे हैं। इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो करीब 41x है, जो इंडस्ट्री एवरेज 29.1x और प्रतिद्वंद्वी EIH Limited (28.1x) से काफी ऊपर है। हालांकि, यह Indian Hotels Company Limited (41.33x) के करीब है। Lemon Tree का मार्केट कैप ₹9,075.18 करोड़ है, जो IHCL या EIH से कम है। इतनी ऊंची वैल्यूएशन के बावजूद, शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई ₹180.60 से 36.57% नीचे ₹114.55 पर बंद हुआ था।
चिंताओं को बढ़ाने वाली खबर यह है कि दिल्ली साउथ CGST अथॉरिटी ने 2019-20 से 2023-24 की अवधि के लिए कंपनी पर ₹39.97 लाख की GST डिमांड नोटिस जारी की है। इससे पहले भी सब्सिडियरीज़ को नोटिस मिले हैं, जिसमें Fleur Hotels को ₹8.50 करोड़ और Berggruen Hotels को ₹42.92 लाख का नोटिस शामिल है। हालांकि कंपनी का कहना है कि ऐसे नोटिस का मटेरियल फाइनेंशियल असर नहीं होता, लेकिन बार-बार टैक्स डिमांड का सामने आना निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
एनालिस्ट्स की राय और ग्रोथ का अनुमान
इन चिंताओं के बावजूद, एनालिस्ट्स का रुख आम तौर पर पॉजिटिव बना हुआ है। कंसेंसस प्राइस टारगेट ₹165 से ₹175 के बीच है, जो शेयर में अपसाइड पोटेंशियल की ओर इशारा करता है। अनुमान है कि अगले तीन सालों में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ लगभग 10.5% सालाना रहेगी। मैनेजमेंट का मानना है कि FY28 के बाद मार्जिन में सुधार होगा, क्योंकि रिफर्बिशमेंट और टेक्नोलॉजी पर खर्च कम होगा, जिससे एसेट-लाइट मॉडल और फी-बेस्ड इनकम पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा। फाइनेंशियल ईयर 26 में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की मजबूत ग्रोथ का अनुमान कंपनी के लिए एक अच्छा संकेत है।
