केरल सरकार ने अपने टूरिज्म सेक्टर को अब आधिकारिक तौर पर 'इंडस्ट्री' का दर्जा देने का फैसला किया है। इससे न केवल कारोबार करना आसान होगा, बल्कि बिजली और पानी के बिलों में भी राहत मिलेगी। राज्य ने **₹325.36 करोड़** का बजट आवंटित किया है ताकि **100** नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा सकें और टूरिज्म रेवेन्यू को **2031** तक **₹90,000 करोड़** तक पहुंचाया जा सके।
केरल सरकार टूरिज्म सेक्टर को अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह से 'इंडस्ट्री' का दर्जा देने की तैयारी में है। इस बड़े नीतिगत बदलाव के तहत एक 'सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम' लागू किया जाएगा, जिससे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलना आसान होगा। साथ ही, होटल चेन और रिसॉर्ट्स को बिजली और पानी के टैरिफ में सब्सिडी मिलेगी, जिससे उनका ऑपरेटिंग कॉस्ट काफी कम हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
बजट और विकास की राह
यह कदम सरकार की 5 साल की डेवलपमेंट स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसके लिए 2026–27 के बजट में ₹325.36 करोड़ का फंड रखा गया है। अभी पर्यटकों का पूरा दबाव मुन्नार, वरकला और कोवलम जैसे गिने-चुने इलाकों पर है। इसे कम करने के लिए सरकार ने पहले फेज में 20 नए इलाकों को चुना है, जिनमें मुनरो आइलैंड, अकालपुझा, नट्टिका और मुजुपिलंगड़ बीच शामिल हैं। इसके अलावा, 'अष्टमुडी आर्क' के जरिए कोल्लम बैकवाटर्स को जोड़कर नए इलाकों को टूरिज्म मैप पर लाने की कोशिश की जा रही है।
मजबूत वित्तीय आंकड़े
केरल का टूरिज्म सेक्टर फिलहाल जबरदस्त रफ्तार पर है। साल 2025 में राज्य में 2.5 करोड़ घरेलू और 8.2 लाख विदेशी सैलानी आए, जो पिछले साल के मुकाबले 12.6% की शानदार ग्रोथ है। इसी दौरान सेक्टर का कुल रेवेन्यू ₹50,702.34 करोड़ रहा। इस ग्रोथ को देखते हुए ही सरकार ने 2031 तक ₹90,000 करोड़ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
चुनौतियां और निवेशकों के लिए संकेत
इतने बड़े विस्तार में कुछ जोखिम भी हैं। संवेदनशील इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए कड़े एनवायरमेंटल क्लियरेंस की जरूरत होगी, जिसमें देरी होने पर प्रोजेक्ट की कॉस्ट बढ़ सकती है। निवेशकों को विशेष रूप से 'सिंगल-विंडो क्लियरेंस' के लागू होने और उन 20 चुनिंदा लोकेशन्स पर होने वाले काम पर नजर रखनी चाहिए। अगर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार डिमांड के साथ नहीं चली, तो आर्थिक परिणाम उम्मीद से धीमे हो सकते हैं।
