साल 2026 के मई से जुलाई के बीच कश्मीर में **8,07,008** सैलानियों ने दस्तक दी है। पिछले साल पहलगाम हमले के बाद आई गिरावट के मुकाबले यह **357%** की बड़ी बढ़ोतरी है, हालांकि प्री-अटैक के आंकड़ों तक पहुंचने का सफर अभी जारी है।
साल 2026 के गर्मी के महीनों में कश्मीर वैली में पर्यटन गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मई से जुलाई के बीच कुल 8,07,008 पर्यटक पहुंचे, जो कि साल 2025 की इसी अवधि के 1,76,751 आंकड़ों के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। हालांकि, यह उछाल काफी हद तक 'लो बेस इफेक्ट' (Low base effect) के कारण है, क्योंकि अप्रैल 2025 की पहलगाम घटना के बाद पर्यटन में भारी गिरावट आ गई थी।\n\n### विश्वास बहाली के लिए उठाए गए कदम\n\nपर्यटकों और होटल इंडस्ट्री का भरोसा जीतने के लिए स्थानीय प्रशासन ने बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खुद पहलगाम में कैबिनेट मीटिंग्स कीं, ताकि सुरक्षा को लेकर लोगों और ट्रैवल ऑपरेटर्स को भरोसा दिलाया जा सके। इसके अलावा, गुजरात जैसे प्रमुख बाजारों में प्रमोशन कैंपेन चलाए गए और कई पर्यटन स्थलों को फिर से खोल दिया गया।\n\n### रिकवरी का असली सच\n\nभले ही समर सीजन के आंकड़े उत्साहजनक हों, लेकिन पूरी तस्वीर अभी भी सुधार की प्रक्रिया में है। साल 2026 के शुरुआती चार महीनों में कश्मीर में 4,37,737 पर्यटक आए थे, जो कि 2025 की इसी अवधि के 6,55,080 के आंकड़े से 33.2% कम है। 'कश्मीर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन' का भी मानना है कि कुल फुटफॉल अभी भी प्री-अटैक स्तर तक नहीं पहुंचा है। अब पूरी इंडस्ट्री अक्टूबर के मौसम पर नजर टिकाए बैठी है ताकि साल के अंत तक पर्यटन के आंकड़ों को पूरी तरह पटरी पर लाया जा सके।
