Independence Day 2026: लंबी उड़ानों की जगह छोटी 'ड्राइव-टू' यात्राओं का क्रेज!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Independence Day 2026: लंबी उड़ानों की जगह छोटी 'ड्राइव-टू' यात्राओं का क्रेज!

इस साल स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) शनिवार को पड़ रहा है, जिसके चलते भारतीय यात्री लंबी Fly-to Vacations की जगह छोटी 'Drive-to' डेस्टिनेशन्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे वेकेशन रेंटल प्लेटफॉर्म्स पर ऑक्यूपेंसी **80-85%** तक पहुंच गई है और सिटी होटलों की मांग भी बढ़ी है।

ट्रेवल पैटर्न में आया बड़ा बदलाव!

साल 2026 का स्वतंत्रता दिवस वीकेंड भारतीय यात्रियों के ट्रेवल करने के तरीकों में एक बड़ा बदलाव ला रहा है। लंबी और दूर की Fly-to यात्राओं की योजना बनाने के बजाय, लोग अब बड़े शहरों से 2 से 5 घंटे की ड्राइव के अंदर आने वाली छोटी और सुलभ जगहों की ओर रुख कर रहे हैं। "Drive-to" डेस्टिनेशन्स का यह ट्रेंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की मांग को नया आकार दे रहा है। गोवा और मनाली जैसे पारंपरिक पर्यटन स्थलों की तुलना में लोनावला और कूर्ग जैसी जगहों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।

कीमतों में 30% तक का उछाल!

ट्रैवल इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, इन "स्टेकेशन" वाले मार्केट्स में कीमतों में 30% तक की बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं, लोकप्रिय Fly-to डेस्टिनेशन्स पर कीमतों में 15-20% की मामूली बढ़ोतरी हुई है। वेकेशन रेंटल प्लेटफॉर्म्स पर भी काफी व्यस्तता है, StayVista और Elivaas जैसे ऑपरेटर्स 80-85% तक की ऑक्यूपेंसी दर्ज कर रहे हैं।

सिटी होटलों की भी बढ़ी मांग

सुविधा और कम ट्रैवल टाइम की इस पसंद का फायदा सिटी होटलों को भी मिल रहा है। IHG Hotels & Resorts, Wyndham Hotels & Resorts, Roseate Hotels & Resorts और Sarovar Hotels जैसी बड़ी चेन्स पिछले साल की तुलना में बेहतर बुकिंग दर्ज कर रही हैं। दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और गुरुग्राम जैसे शहरों के होटलों में इस लॉन्ग वीकेंड के लिए खास प्रमोशन के चलते काफी डिमांड देखी जा रही है। कुछ होटल ग्रुप्स ने पिछले साल की तुलना में डबल डिजिट में बुकिंग ग्रोथ दर्ज की है।

जोखिम पर भी पैनी नजर

हालांकि मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन इंडस्ट्री के जानकार कुछ जोखिमों पर भी नजर रखे हुए हैं। यह छुट्टियां मॉनसून के दौरान पड़ रही हैं, जिससे मौसम संबंधी गड़बड़ियों के कारण यात्रा योजनाओं में उतार-चढ़ाव आ सकता है। इसके अलावा, "एंटी-इटिनररी" ट्रेंड, यानी आखिरी समय में योजना बनाने की प्राथमिकता, बुकिंग में अस्थिरता पैदा कर सकती है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का प्रदर्शन उपभोक्ता के विवेकाधीन खर्च पर भी निर्भर करता है, जो आर्थिक विश्वास के आधार पर बदल सकता है।

आगे क्या?

बाजार यह देखेगा कि रक्षा बंधन जैसे आगामी त्योहारों के दौरान ये छोटी यात्राओं के रुझान कैसे विकसित होते हैं। अगर बार-बार छोटी ब्रेक लेने की यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो यह घरेलू अवकाश और सिटी होटलों के लिए लगातार ऑक्यूपेंसी बनाए रखने में मदद कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.