सरकार पब्लिक सेक्टर की संपत्तियों से वैल्यू निकालने की एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। इसी कड़ी में, India Tourism Development Corporation (ITDC) अपने दो प्रतिष्ठित होटलों - The Ashok और Hotel Samrat - को National Monetisation Pipeline (NMP) 2.0 के तहत रीडेवलप करने जा रही है। इसके लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाया जाएगा, जिसका मकसद निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और पूंजी का इस्तेमाल कर इन संपत्तियों को आधुनिक बनाना और इनके संचालन को बेहतर करना है। यह कदम NMP 2.0 के उस बड़े लक्ष्य का हिस्सा है जिसके तहत ₹16.72 ट्रिलियन की संपत्तियों को मोनेटाइज कर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए फंड जुटाया जाना है।
इस री-डेवलपमेंट प्लान के तहत कुल ₹1,200 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। इसमें The Ashok होटल के लिए ₹820 करोड़ और Hotel Samrat के लिए ₹380 करोड़ का अनुमान है। The Ashok का काम Financial Year 2027 (FY27) तक और Hotel Samrat का काम Financial Year 2030 (FY30) तक पूरा करने की योजना है। The Ashok के लिए यह प्राथमिकता शायद इसके बड़े स्केल और डिप्लोमैटिक एन्क्लेव में इसकी अहम लोकेशन के चलते है। वहीं, Hotel Samrat की बात करें तो, इसके विकास की समय-सीमा थोड़ी आगे रखी गई है, जिसके पीछे इसके संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों से निकटता जैसे कारण हो सकते हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि ITDC ने हाल के वर्षों में अपने फाइनेंस में शानदार रिकवरी दिखाई है। Financial Year 2021 (FY21) में घाटा झेलने के बाद, कंपनी का रेवेन्यू तीन गुना से ज्यादा बढ़ा है और मार्च 2025 तक कंपनी ने ₹81.36 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया। Financial Year 2025 (FY25) में ITDC का कुल टर्नओवर ₹587.78 करोड़ और PAT ₹82.94 करोड़ रहा। Financial Year 2026 (Q3 FY26) की तीसरी तिमाही में तो कंपनी के मुनाफे में 35% की जोरदार उछाल आई, जो बढ़कर ₹283 करोड़ हो गया। कंपनी का बैलेंस शीट भी मजबूत है, जिसमें लगभग शून्य डेट-टू-इक्विटी रेश्यो के साथ बेहद कम कर्ज है और प्रमोटर होल्डिंग 87.03% है। हालांकि, इसका पी/ई (P/E) रेश्यो 56-61 के आसपास है, जो इसे एक ग्रोथ स्टॉक के तौर पर दिखाता है।
लेकिन, इस चमकदार तस्वीर के पीछे कुछ चिंताएं भी हैं। ITDC के स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने Q3 FY26 के फाइनेंशियल नतीजों पर एक योग्य निष्कर्ष (Qualified Conclusion) दिया है। ऑडिटर्स ने अशोक होटल्स एंड ट्रेवल्स के जनरल सेल्स एजेंट (GSA) एग्रीमेंट में ₹187.13 करोड़ की बकाया राशि के पूरी तरह से सुरक्षित न होने का मुद्दा उठाया है। इसके अलावा, होटल अशोक/सम्राट से ₹129.26 करोड़ की अनबिल्ड लाइसेंस फीस, NDMC के साथ प्रॉपर्टी टैक्स के विवाद और कॉमनवेल्थ गेम्स के काम के लिए DDA से ₹98.96 करोड़ की बकाया राशि जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं। होटल अशोक के लाइसेंस एग्रीमेंट का एक्सपायर होना भी ऑपरेशनल रिस्क पैदा करता है। ऐसी गड़बड़ियां संभावित निजी भागीदारों को हतोत्साहित कर सकती हैं।
भारत में PPP मॉडल के सफल होने के लिए प्रभावी एग्जीक्यूशन और रिस्क मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। रेगुलेटरी रुकावटें, लंबी बातचीत और कॉन्ट्रैक्ट डिस्प्यूट्स जैसी चुनौतियाँ आम हैं। ITDC के लिए, The Ashok और Hotel Samrat जैसी जटिल संपत्तियों के लिए प्राइवेट इन्वेस्टमेंट आकर्षित करना मुश्किल हो सकता है, खासकर Hotel Samrat की लोकेशन संवेदनशीलता को देखते हुए। Financial Year 2025 (FY25) में दोनों होटलों में ऑक्यूपेंसी रेट में गिरावट आई है, जिसे सुधारने की जरूरत है। NMP 2.0 के तहत यह इनिशिएटिव ITDC को अपनी संपत्ति पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने और भविष्य के विकास के लिए पूंजी जुटाने में मदद करेगा। इन फ्लैगशिप प्रोजेक्ट्स की सफलता यह तय करेगी कि सरकार कितने प्रभावी ढंग से इन अनोखी संपत्तियों के लिए विश्वसनीय प्राइवेट पार्टनर ढूंढ पाती है।