टूरिज्म सेक्टर में बड़ा बदलाव
Union Budget 2026 के साथ, भारत का टूरिज्म सेक्टर एक बड़े ट्रांसफॉर्मेशन के लिए तैयार है। सरकार देश की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता का पूरा फायदा उठाना चाहती है। बजट में अब सिर्फ रिलीजियस (Religious) और स्पिरिचुअल (Spiritual) टूरिज्म पर ही फोकस नहीं होगा, बल्कि इकोलॉजिकल (Ecological) एक्सप्लोरेशन से लेकर स्पेशल मेडिकल सर्विसेज तक, हर तरह के अनुभवों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका मुख्य मकसद एम्प्लॉयमेंट (Employment) बढ़ाना, फॉरेन एक्सचेंज (Foreign Exchange) कमाना और लोकल इकोनॉमी (Local Economy) को मजबूत करना है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल्स पर फोकस
इस प्लान का एक अहम हिस्सा 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी' की स्थापना है, जो मौजूदा 'नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी' को अपग्रेड करेगा। यह इंस्टीट्यूट एजुकेशन बॉडीज, इंडस्ट्री और सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल बिठाएगा। साथ ही, 10,000 गाइड्स को 20 आइकॉनिक टूरिस्ट लोकेशंस पर 12-हफ्ते की हाइब्रिड ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें एक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) भी पार्टनर होगा। इससे गाइड्स को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक ज्ञान बेहतर मिलेगा।>
इसके अलावा, हेरिटेज साइट्स (Heritage Sites) के लिए एक 'नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड' बनेगा। इससे लोकल रिसर्चर, हिस्टोरियन और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नए जॉब्स पैदा होने की उम्मीद है।
पर्यटन के नए अनुभव
बजट में भारत के प्राकृतिक नजारों का इस्तेमाल करने की भी योजना है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में माउंटेन ट्रेल्स (Mountain Trails) विकसित होंगे। इसी तरह, ईस्टर्न और वेस्टर्न घाट्स में इको-ट्रेल (Eco-trails) बनेंगे। कोस्टल एरियाज में टर्टल ट्रेल्स (Turtle Trails) और पुलिकट लेक के पास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स (Bird-watching Trails) को बढ़ावा दिया जाएगा।
15 ऐसे आर्केलॉजिकल साइट्स (Archaeological Sites) जैसे लोथल (Lothal) और धोलावीरा (Dholavira) को भी खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स में बदला जाएगा, जहां विजिटर्स को साइट्स को देखने-समझने का नया अनुभव मिलेगा। सरकार ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (East Coast Industrial Corridor) और पुरवोदया स्टेट्स (Purvodaya States) में 5 नए टूरिज्म डेस्टिनेशन्स को बढ़ावा देगी, जिसके लिए 4,000 ई-बसों (e-buses) का बेड़ा भी तैयार किया जाएगा।
मेडिकल टूरिज्म और आउटबाउंड ट्रैवल
भारत को मेडिकल टूरिज्म (Medical Tourism) का ग्लोबल हब बनाने के लिए 5 रीजनल मेडिकल हब (Regional Medical Hubs) स्थापित करने में राज्यों को मदद की जाएगी। इनमें AYUSH सेंटर्स और मेडिकल वैल्यू टूरिज्म सेंटर्स शामिल होंगे।
वहीं, इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम मांग को मानते हुए, सरकार ने आउटबाउंड ट्रैवल पैकेजेज पर लगने वाले टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) को घटाकर 2% कर दिया है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे भारतीय यात्रियों को विदेश यात्रा के लिए नकदी (Liquidity) जुटाने में आसानी होगी। FICCI टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन राजेश मागोव (Rajesh Magow) ने कहा कि सरकार का फोकस डेस्टिनेशन डेवलपमेंट, स्किलिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर है, जिससे टूरिस्ट का अनुभव बेहतर होगा। कॉक्स एंड किंग्स (Cox & Kings) के डायरेक्टर करण अग्रवाल (Karan Agarwal) ने TCS में कटौती को एक अच्छा कदम बताया है।