Indian Hospitality Sector: FY27 में 7-9% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान, घरेलू मांग बनी बड़ी वजह

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Hospitality Sector: FY27 में 7-9% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान, घरेलू मांग बनी बड़ी वजह

भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, भू-राजनीतिक तनाव के बीच, वित वर्ष 2027 (FY27) के लिए **7-9%** की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है। मजबूत घरेलू मांग, कॉर्पोरेट यात्राएं और MICE इवेंट्स में रिकवरी इस ग्रोथ के मुख्य चालक हैं।

मज़बूत मांग और रिकवरी की उम्मीद

भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर एक जटिल वैश्विक माहौल में भी मजबूती दिखा रहा है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, इंडस्ट्री के प्लेयर्स को लगातार डिमांड मिल रही है। रेटिंग एजेंसी ICRA का अनुमान है कि वित वर्ष 2026-27 के लिए सेक्टर का रेवेन्यू 7-9% तक बढ़ सकता है। यह पिछले वित वर्ष में दर्ज 11% की ग्रोथ के बाद सेक्टर की रिकवरी मोमेंटम को बनाए रखने का संकेत देता है।

इस ग्रोथ का मुख्य कारण घरेलू मांग का मजबूत होना है, जिसमें लेज़र, कॉर्पोरेट ट्रैवल और मीटिंग्स, इन्सेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज और एग्जीबिशन (MICE) सेगमेंट शामिल हैं। प्रीमियम सेगमेंट में होटलों की ऑक्यूपेंसी 72% से 74% के बीच स्थिर रहने की उम्मीद है। साथ ही, औसत रूम रेट (Average Room Rates) में भी बढ़ोतरी की संभावना है, जो ₹8,600 से ₹8,800 के बीच रह सकते हैं।

कंपनियां कर रही हैं विस्तार, पर चुनौतियां भी

बड़े प्लेयर्स इस डिमांड को भुनाने के लिए अपने ऑपरेशंस का विस्तार कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, Radisson Hotel Group का लक्ष्य 2030 तक अपने मौजूदा 142 प्रॉपर्टीज़ के पोर्टफोलियो को बढ़ाकर 500 होटल करना है। वहीं, Thomas Cook (India) ने अपने हालिया नतीजों में घरेलू बाजार की मजबूती दिखाई है, जिसमें FY27 की पहली तिमाही में ₹58.72 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 5.73% अधिक है। हालांकि, पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण इसकी सब्सिडियरीज़ पर असर पड़ा है।

सकारात्मक outlook के बावजूद, इंडस्ट्री के सामने चुनौतियां भी हैं। भू-राजनीतिक अस्थिरता एक प्रमुख जोखिम बनी हुई है, जो वैश्विक तेल की कीमतों, महंगाई और ट्रैवल खर्चों को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, हॉस्पिटैलिटी फर्म्स को कुशल प्रतिभा की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे छंटनी दर (attrition rates) और ट्रेनिंग कॉस्ट बढ़ जाती है।

निवेशकों के लिए, औसत रूम रेट की स्थिरता और बढ़ती लागतों के बीच ऑपरेटिंग मार्जिन की सुरक्षा प्रमुख निगरानी बिंदु होंगे। MICE और कॉर्पोरेट ट्रैवल सेगमेंट में लगातार मांग ग्रोथ की राह को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.