India Tourism: घरेलू यात्राओं पर दांव, पर फॉरेन एक्सचेंज और MICE को बड़ा खतरा!

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AuthorNeha Patil|Published at:
India Tourism: घरेलू यात्राओं पर दांव, पर फॉरेन एक्सचेंज और MICE को बड़ा खतरा!
Overview

भारत का पर्यटन क्षेत्र इन दिनों घरेलू यात्राओं पर ज़ोर दे रहा है, जो सरकारी 'कंजूसी' (austerity) के आह्वान और स्थानीय यात्रा की बढ़ती मांग का नतीजा है। अनुमान है कि **2030** तक घरेलू यात्राएं **9,500 मिलियन** का आंकड़ा पार कर सकती हैं। लेकिन इस बड़े बदलाव के साथ कई चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं, जैसे भारत से बाहर जाने वाले यात्रियों की तुलना में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में कमी, फॉरेन एक्सचेंज पर दबाव और MICE (मीटिंग्स, इंसेटिव्स, कॉन्फ्रेंस, एग्जीबिशन) जैसे महत्वपूर्ण बिज़नेस सेक्टर के लिए खतरा।

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घरेलू यात्राओं में बंपर उछाल, पर विदेशी पर्यटक पीछे

भारत में घरेलू पर्यटन इस समय तेजी से बढ़ रहा है। 2025 में घरेलू यात्राओं में 54% का उछाल देखा गया, जो 4,548 मिलियन तक पहुँच गई। HVS Anarock के अनुमानों के मुताबिक, 2030 तक यह संख्या 9,500 मिलियन से अधिक हो सकती है। यह बदलाव देश के ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए एक बड़ा मोड़ है। इस ट्रेंड को सरकारी बचत (austerity) के आह्वान और वैल्यू-कॉन्शियस ट्रैवल की बढ़ती पसंद से बल मिला है। वहीं, विदेशों की यात्रा करने वालों की ग्रोथ धीमी हो गई है और विदेशी पर्यटकों की संख्या अभी भी महामारी से पहले के स्तर से कम है।

फॉरेन एक्सचेंज पर बढ़ता दबाव

घरेलू पर्यटन की यह मजबूत परफॉरमेंस, जिसमें 2025 में अनुमानित 4,548 मिलियन यात्राएं शामिल हैं, एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा दे रही है। हालांकि, यह तब हो रहा है जब बढ़ती एयरफेयर्स (airfares) और प्रतिकूल एक्सचेंज रेट (exchange rates) के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्राएँ और महंगी हो रही हैं। FY26 के अप्रैल-फरवरी में, विदेश यात्राओं पर खर्च अनुमानित 3.1% घटकर $15.3 बिलियन रह गया। दूसरी ओर, पर्यटन से होने वाली फॉरेन एक्सचेंज अर्निंग्स (FEEs), जो 2024 में ₹35.016 बिलियन थी, दबाव में है। इंडस्ट्री ग्रुप्स का कहना है कि 2024 में, भारत आने वाले हर एक विदेशी पर्यटक के मुकाबले लगभग तीन भारतीय विदेश यात्रा कर रहे थे। सरकार विदेश यात्राओं को सीमित करके फॉरेन एक्सचेंज बचाने का आग्रह कर रही है, लेकिन इनबाउंड (inbound) पर्यटन अभी तक महामारी से पहले के स्तर पर नहीं लौटा है। 2025 में विदेशी पर्यटकों के आगमन (FTAs) का अनुमान 9.02 मिलियन था, जो पिछले साल की तुलना में 9.4% कम है और 2019 के 10.93 मिलियन से भी कम है। यह असंतुलन फॉरेन एक्सचेंज अर्निंग्स के लिए एक चूकी हुई अवसर है, खासकर जब थाईलैंड (2024 में 35 मिलियन आगमन) और मलेशिया (25 मिलियन आगमन) जैसे देशों की तुलना करें। वियतनाम में 2024 में भारतीय पर्यटकों के आगमन में 2019 की तुलना में 363% की प्रभावशाली वृद्धि देखी गई। भारत की यह रणनीति फॉरेन एक्सचेंज के बहिर्वाह (outflows) को खराब कर सकती है, अगर इनबाउंड पर्यटन को घरेलू ग्रोथ के साथ बढ़ावा नहीं दिया गया।

MICE सेक्टर के लिए बड़े जोखिम

घरेलू यात्राओं और कंजूसी (austerity) पर अत्यधिक फोकस MICE (मीटिंग्स, इंसेटिव्स, कॉन्फ्रेंस, एग्जीबिशन) सेक्टर के लिए जोखिम पैदा कर रहा है। यह सेक्टर सालाना अरबों की कमाई करता है और भारत के MICE बाजार का लगभग 60% राजस्व इसी से आता है। यह कॉर्पोरेट खर्च पर बहुत अधिक निर्भर करता है। चूंकि भारतीय कंपनियां गैर-ज़रूरी यात्राओं में कटौती और वर्चुअल मीटिंग्स बढ़ाने का वादा कर रही हैं, MICE राजस्व को सीधा खतरा है। कंपनियां वर्चुअल इंटरैक्शन की ओर बढ़ रही हैं, जिससे होटलों और कन्वेंशन सेंटरों की बुकिंग कम हो सकती है, जो छोटे शहरों के लिए आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। MICE यात्री आम तौर पर अन्य पर्यटकों की तुलना में प्रति व्यक्ति अधिक खर्च करते हैं, इसलिए इस सेगमेंट में गिरावट विशेष रूप से प्रभावशाली हो सकती है। इसके अलावा, इनबाउंड पर्यटन की धीमी रिकवरी एक रणनीतिक कमी की ओर इशारा करती है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और विविध पेशकशों के बावजूद, भारत विदेशी पर्यटकों के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई देशों जैसे थाईलैंड और मलेशिया के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए संघर्ष कर रहा है।

भविष्य का रास्ता

इंडस्ट्री के पूर्वानुमान (forecasts) सतर्क आशावाद (cautiously optimistic) दिखा रहे हैं। ICRA ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए FY2026 में 6-8% और FY2027 में 7-9% राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो MICE और घरेलू अवकाश (leisure) से प्रेरित होगी। सरकार के 'इनक्रेडिबल इंडिया' (Incredible India) अभियान को 2026-30 की पांच-वर्षीय योजना के साथ नया रूप दिया जा रहा है, जिसका लक्ष्य विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए देश-विशिष्ट रणनीतियाँ बनाना है। हालांकि, सफलता घरेलू प्राथमिकताओं को इनबाउंड पर्यटन को बढ़ावा देने और MICE सेगमेंट का समर्थन करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता के साथ संतुलित करने पर निर्भर करती है, जो दोनों फॉरेन एक्सचेंज अर्निंग्स और समग्र आर्थिक योगदान के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.