अगस्त 2026 में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में **10.6%** की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुल **6.91 लाख** विदेशी सैलानियों ने भारत की यात्रा की, जिससे हॉस्पिटैलिटी और एविएशन सेक्टर के लिए राहत की खबर है।
भारत के टूरिज्म सेक्टर के लिए अगस्त का महीना बेहद सकारात्मक रहा। पिछले साल अगस्त में 6.25 लाख विदेशी पर्यटक आए थे, जो इस साल बढ़कर 6.91 लाख हो गए हैं। फरवरी 2024 के बाद यह पहली बार है जब सेक्टर में डबल-डिजिट ग्रोथ देखी गई है, जबकि पिछले पूरे साल में इसमें 9% की गिरावट रही थी।\n\n### ग्रोथ के पीछे की असली वजह\n\nइस तेजी में पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश का बड़ा योगदान रहा, जहाँ से आने वाले सैलानियों में 80% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और यह संख्या 74,000 के पार पहुंच गई है। इसके अलावा अमेरिका और यूके से आने वाले यात्रियों में 3% की बढ़त देखी गई, जबकि जर्मनी, कनाडा, मलेशिया और श्रीलंका जैसे देशों से 10% से 15% तक अधिक पर्यटक भारत आए। चीन से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी दोगुना होकर 9,000 के स्तर को पार कर गई है।\n\n### मार्केट पर असर\n\nटूरिज्म में इस उछाल का सीधा फायदा हॉस्पिटैलिटी चेन और एयरलाइंस को मिलना तय माना जा रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और नए एयरपोर्ट्स की वजह से भारत का ग्लोबल प्रोफाइल भी सुधरा है, जिसके चलते देश वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के 'Travel and Tourism Development Index 2026' में 31वें स्थान पर आ गया है।\n\n### चुनौतियां अभी बाकी हैं\n\nहालांकि आंकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन Stic Travel Group और Trail Blazer Tours जैसे दिग्गजों का मानना है कि भारत में महंगे होटल टैरिफ और हवाई किराए इसे अन्य पड़ोसी देशों के मुकाबले कम प्रतिस्पर्धी (less competitive) बनाते हैं। इसके अलावा, सरकारी स्तर पर केंद्रीयकृत अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग की कमी भी एक बड़ा मुद्दा है। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या कंपनियां अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने के लिए इन बढ़ते खर्चों के बावजूद डिमांड को बरकरार रख पाती हैं।
