इस दिवाली भारतीय ट्रैवल सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। लेजर होटल बुकिंग्स में **135%** का इजाफा हुआ है, जहां उदयपुर और ताइपे जैसे शहरों को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह है। यह ट्रेंड होटल और एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए बड़े संकेत हैं।
भारत के ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए यह फेस्टिव सीजन कमाई के नए द्वार खोल रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो दिवाली के दौरान होटल बुकिंग्स में 135% का उछाल आया है, जो सीधे तौर पर कंज्यूमर स्पेंडिंग में आई मजबूती को दर्शाता है।
डोमेस्टिक टूरिज्म का नया चेहरा
टूरिस्ट अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं। छोटे और अनूठे डेस्टिनेशंस पर पर्यटकों का फोकस बढ़ गया है। उदयपुर में होटल बुकिंग्स में 316% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, बैंगलोर और जयपुर में भी क्रमशः 189% और 174% की ग्रोथ देखी गई है। अगत्ती, गया और दीमापुर जैसे छोटे हब में बढ़ती दिलचस्पी यह बताती है कि बेहतर कनेक्टिविटी अब ट्रैवल पैटर्न को बदल रही है।
हर सेगमेंट में डिमांड
दिलचस्प बात यह है कि डिमांड केवल लग्जरी तक सीमित नहीं है। बजट एकोमोडेशन में 201% और लग्जरी प्रॉपर्टीज में 162% की ग्रोथ देखी गई है। इसके अलावा, 15 से 24 साल के युवाओं की फ्लाइट बुकिंग्स में 60% और महिला यात्रियों की संख्या में 44% का इजाफा हुआ है, जो भविष्य के लिए एक स्टेबल डिमांड बेस तैयार कर रहा है।
इंटरनेशनल रूट पर नया क्रेज
भारतीय पर्यटक अब पारंपरिक जगहों के बजाय नई जगहों को चुन रहे हैं। ताइपे (ताइवान) की बुकिंग्स में 146% का उछाल आया है। इसके अलावा सेबू, डबलिन और फु क्वोक में भी 100% से ज्यादा की ग्रोथ है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इन्वेस्टर्स के लिए अब यह देखना अहम होगा कि वॉल्यूम में आई यह बढ़त कंपनियों के बॉटम-लाइन (Net Profit) में कैसे तब्दील होती है। फेस्टिव सीजन के बाद इस मोमेंटम को बनाए रखना और बढ़ती लागत को मैनेज करना कंपनियों के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी।
