Union Budget 2026: टूरिज्म सेक्टर में सी-प्लेन और सर्किट से आएगी बहार!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Union Budget 2026: टूरिज्म सेक्टर में सी-प्लेन और सर्किट से आएगी बहार!
Overview

Union Budget 2026 में फाइनेंस मिनिस्टर Nirmala Sitharaman ने देश के टूरिज्म सेक्टर को बूस्ट देने का एक बड़ा और विस्तृत प्लान पेश किया है। इस प्लान के तहत सी-प्लेन (Seaplanes) के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने, ऐतिहासिक पुरातत्व स्थलों (Archeological Sites) को विकसित करने और बौद्ध सर्किट (Buddhist Circuits) जैसे खास टूरिस्ट रूट्स को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।

टूरिज्म सेक्टर को मिलेगा नया पंख

हाल के सालों में भारत के टूरिज्म सेक्टर ने शानदार रिकवरी दिखाई है, जिसने विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। इसी गति को बनाए रखने और इसे और आगे ले जाने के लिए, Union Budget 2026 में एक मल्टी-फोकल रणनीति अपनाई गई है। सरकार का लक्ष्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, अनोखी डेस्टिनेशन्स को तैयार करना और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाकर भारत को दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है।

सी-प्लेन: दूरदराज के इलाकों तक आसान पहुंच

इस बजट की एक खास पहल है सी-प्लेन (Seaplanes) के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देना। यह कदम खासकर दूरदराज के तटीय इलाकों और उन जगहों तक पर्यटकों की पहुंच को आसान बनाएगा जहाँ पानी के बड़े स्रोत हैं। इससे यात्रा का समय काफी कम होगा और यह सफर का एक नया, किफायती और खूबसूरत जरिया बनेगा। यह सीधे तौर पर टूरिस्ट स्पॉट्स तक 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' को बेहतर बनाने के सरकारी लक्ष्य से जुड़ा है, जो ज्यादा से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आकर्षित करने के लिए बहुत जरूरी है। हाल के आंकड़े बताते हैं कि टूरिज्म में तेजी है; 2024 में 99.52 लाख विदेशी पर्यटक भारत आए, जबकि घरेलू पर्यटकों की संख्या इससे कहीं ज्यादा रही। इसी बीच, सरकार ने पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY26) में टूरिज्म सेक्टर के लिए ₹2,541.06 करोड़ आवंटित किए थे, जो इस सेक्टर के प्रति निरंतर वित्तीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सर्किट डेवलपमेंट और हेरिटेज का कायाकल्प

सी-प्लेन के अलावा, बजट में कई पुरातत्व स्थलों (Archeological Sites) और थीमैटिक सर्किट (Thematic Circuits) के विकास के लिए भी खास योजनाएं हैं, जिसमें बौद्ध सर्किट (Buddhist Circuits) पर खास ध्यान दिया गया है। सरकार की योजना 15 महत्वपूर्ण पुरातत्व स्थलों, जैसे सारनाथ (Sarnath) और हस्तिनापुर (Hastinapur), को आकर्षक सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की है। इससे पर्यटकों को भारत की समृद्ध विरासत का अनूठा अनुभव मिलेगा। 'स्वदेश दर्शन 2.0' स्कीम, जो टूरिज्म स्ट्रैटेजी का एक अहम हिस्सा है, को भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसका मुख्य फोकस थीमैटिक सर्किट के माध्यम से सस्टेनेबल और जिम्मेदार टूरिज्म को बढ़ाना है। FY27 के लिए 'स्वदेश दर्शन 2.0' को ₹1,900 करोड़ का आवंटन इस वादे को पुख्ता करता है।

अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर और भविष्य की राह

वैश्विक स्तर पर देखें तो टूरिज्म सेक्टर मजबूत रिकवरी दिखा रहा है, हालांकि महंगाई और भू-राजनीतिक जोखिम जैसी चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के 2024 ट्रैवल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट इंडेक्स (TTDI) में भारत 39वें स्थान पर है, जो इसकी क्षमता को दर्शाता है लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए लगातार निवेश की जरूरत भी बताता है। भारत की जीडीपी (GDP) में टूरिज्म सेक्टर का योगदान महत्वपूर्ण है, और यह 2028 तक बढ़कर USD 512 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। यह सेक्टर लाखों लोगों को रोजगार भी देता है। सरकार की 'उड़ान' (UDAN) जैसी योजनाएं और एयरपोर्ट व हाईवे में चल रहा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ऐतिहासिक रूप से ऐसे विकास की नींव रख चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और टूरिज्म डेवलपमेंट पर यह फोकस हॉस्पिटैलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इस सेक्टर की मजबूती और रोजगार सृजन की क्षमता निवेशकों के लिए इसे एक आकर्षक विकल्प बनाती है।

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