Union Budget 2026-27 में भारत के एडवेंचर टूरिज्म सेक्टर के लिए एक बड़ा विज़न सामने रखा गया है। वित्त मंत्री ने देश भर में नए हाइकिंग, ट्रेकिंग, कोस्टल और वाइल्डलाइफ ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा की है। यह कदम भारत की प्राकृतिक संपदा का बेहतर इस्तेमाल करने और उन इलाकों में आर्थिक विकास तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए उठाया गया है, जहाँ अब तक पर्यटन का विकास धीमा रहा है। इस ऐलान के तुरंत बाद शेयर बाजार में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली, जहाँ टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के स्टॉक्स में उछाल आया।
इस बजट में खासतौर पर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी इलाकों में इको-सस्टेनेबल ट्रेल्स बनाने पर जोर दिया गया है। साथ ही, पश्चिमी और पूर्वी घाट में भी स्ट्रक्चर्ड हाइकिंग के रास्ते खोले जाएंगे। 'टर्टल ट्रेल्स' और 'वेटलैंड बर्ड-वॉचिंग सर्किट्स' जैसे नए कॉन्सेप्ट्स को पेश करके सरकार का लक्ष्य कंजर्वेशन (Conservation) को पर्यटन से जोड़ना है, जिससे खास तरह के टूरिस्ट आकर्षित होंगे। शेयर बाजार ने इस खबर पर तुरंत मुहर लगाई। ट्रैवल और टूरिज्म कंपनियों के शेयर 10% तक चढ़ गए। Indian Hotels, EIH, Lemon Tree और Easy Trip Planners जैसी बड़ी हॉस्पिटैलिटी कंपनियों के स्टॉक्स में बढ़ोतरी देखी गई। Nifty India Tourism Index में भी सकारात्मक हलचल दिखी।
यह बजट एडवेंचर टूरिज्म के भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखता है। अनुमान है कि भारतीय एडवेंचर टूरिज्म मार्केट साल 2033 तक करीब $86 बिलियन तक पहुंच सकता है, जो 2025 से 2033 के बीच 17.80% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। सरकार के नए ट्रेल्स और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) के प्लान इस ग्रोथ को और तेज करेंगे। इसके अलावा, 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को ट्रेनिंग देने और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना जैसे कदम इस सेक्टर में प्रोफेशनल लेवल को बढ़ाएंगे।
यह पहल देश में समावेशी विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने में भी मदद करेगी। नए ट्रेल्स और टूरिज्म सर्किट के विकास से गाइड, हॉस्पिटैलिटी, हस्तशिल्प और कंजर्वेशन सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पारंपरिक पर्यटन से हटकर, इको-सेंसिटिव और एक्सपीरियंस-बेस्ड ट्रैवल पर फोकस करके, भारत ग्लोबल एडवेंचर टूरिज्म मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है। सरकार का लक्ष्य भारत को एक प्रमुख ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है, जिसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, स्किल एन्हांसमेंट और प्राकृतिक व सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है।