ITC होटल्स का मुनाफा 9.6% बढ़कर ₹237 करोड़ हुआ, मजबूत राजस्व और विस्तार से मिली बढ़त

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ITC होटल्स का मुनाफा 9.6% बढ़कर ₹237 करोड़ हुआ, मजबूत राजस्व और विस्तार से मिली बढ़त
Overview

ITC होटल्स ने तीसरी तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ में 9.64% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की, जो ₹236.83 करोड़ रहा। परिचालन से राजस्व बढ़कर ₹1,230.68 करोड़ हो गया। यह हॉस्पिटैलिटी फर्म छोटे शहरों में अपना विस्तार सक्रिय रूप से कर रही है और मांग में निरंतरता की उम्मीद कर रही है।

ITC होटल्स ने तीसरी तिमाही (Q3) में अपने समेकित शुद्ध लाभ में 9.64% की साल-दर-साल (YoY) वृद्धि दर्ज की है, जो ₹236.83 करोड़ रही। कंपनी के परिचालन से राजस्व में भी 21% की मजबूत बढ़ोतरी हुई, जो पिछले वर्ष के ₹1,015.40 करोड़ से बढ़कर ₹1,230.68 करोड़ हो गया। इस टॉप-लाइन वृद्धि के साथ, कुल व्यय बढ़कर ₹870.02 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹740.41 करोड़ था।
इस तिमाही में कुछ असाधारण लागतें भी आईं। श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा नए श्रम संहिताओं (labour codes) के कार्यान्वयन के कारण ₹55.42 करोड़ का एकमुश्त प्रभाव पड़ा। इसके अतिरिक्त, श्रीलंका में 'डिितवाह' नामक चक्रवात से हुई क्षति के कारण ₹28.58 करोड़ का अनुमानित शुद्ध घाटा दर्ज किया गया, जिसके लिए बीमा सर्वेक्षण जारी है। समूह नए श्रम संहिताओं से संबंधित सरकारी नियमों के अंतिम रूप को बारीकी से देख रहा है।
भविष्य को देखते हुए, ITC होटल्स टियर-II और टियर-III शहरों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहाँ प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी की मांग बढ़ी है। इसके लिए कंपनी संपत्ति मालिकों के साथ साझेदारी कर रही है। तिमाही के दौरान बोधगया, ऋषिकेश, सिलीगुड़ी, सिरमौर, डूंगरपुर और जयपुर में नई संपत्तियों को खोला गया। वित्तीय वर्ष 2025 के लिए, कंपनी ने 28 नए होटलों के लिए समझौते किए हैं, जिनमें 2,790 'कीज़' (keys) जोड़ी जाएंगी - यह पिछले वर्ष की तुलना में 26% अधिक है। इस विस्तार से कंपनी 150 परिचालन होटलों और 14,000 से अधिक 'कीज़' के मील के पत्थर को पार कर गई है।
ITC होटल्स को उद्योग के भविष्य की संभावनाओं पर भरोसा है। हाल की सरकारी नीतियों, जैसे GST दर युक्तिकरण (rationalisation) और मौद्रिक सहजता (monetary easing), से उपभोक्ता खर्च को समर्थन मिलने की उम्मीद है। हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में आपूर्ति-मांग का संरचनात्मक असंतुलन बना हुआ है, जहाँ मांग उपलब्ध इन्वेंट्री से अधिक है। कंपनी को उम्मीद है कि उपभोग की प्रवृत्तियाँ (consumption trends) और व्यापक-आधारित वृद्धि (broad-based growth) इस सकारात्मक दृष्टिकोण को बनाए रखेंगे।

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