IHCL Q3 Results: प्रॉफिट में तूफानी उछाल, पर मार्जिन पर चिंता! | The Indian Hotels Company

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
IHCL Q3 Results: प्रॉफिट में तूफानी उछाल, पर मार्जिन पर चिंता! | The Indian Hotels Company
Overview

The Indian Hotels Company (IHCL) ने Q3 FY26 के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल **50.86%** बढ़कर **₹954.24 करोड़** हो गया है।

मुनाफे का बड़ा कारण: एक बड़ी डील!

The Indian Hotels Company (IHCL) के Q3 FY26 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 50.86% उछलकर ₹954.24 करोड़ पर पहुँच गया है। इस भारी भरकम बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह एक जॉइंट वेंचर (JV) में अपनी पूरी हिस्सेदारी की बिक्री से हुआ ₹327 करोड़ का मुनाफा रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी 12.19% बढ़कर ₹2,841.96 करोड़ दर्ज किया गया।

मार्जिन पर अटकी निगाहें

हालांकि, इन मजबूत आंकड़ों के बावजूद, निवेशकों की चिंताएं कम नहीं हुई हैं। कंपनी का EBITDA मार्जिन Q3 FY26 में 37.9% पर स्थिर रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले कोई सुधार नहीं दिखाता। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मार्जिन में बढ़ोतरी न होना, कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर सवाल खड़े कर रहा है। नतीजों के बाद NSE पर IHCL के शेयर में करीब 4% की गिरावट भी देखने को मिली, जो दिखाता है कि मार्केट सिर्फ हेडलाइन प्रॉफिट पर ध्यान नहीं दे रहा, बल्कि अंडरलाइंग परफॉरमेंस को भी परख रहा है।

ब्रोकरेज की मिली-जुली राय

IHCL के नतीजों और वैल्युएशन को लेकर एनालिस्ट्स (Analysts) बंटे हुए हैं। जहां एक ओर Nomura और Motilal Oswal जैसे ब्रोकरेज हाउस ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए क्रमशः ₹830 और ₹900 का टारगेट प्राइस दिया है, वहीं Nuvama Institutional Equities ने 'Reduce' की सलाह दी है और ₹636 का लक्ष्य रखा है।

वैल्युएशन का सवाल

IHCL का मार्जिन परफॉरमेंस और एनालिस्ट्स के अलग-अलग विचार, इसके महंगे वैल्युएशन को उजागर करते हैं। कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) 49x से 75x के बीच है, जो EIH Ltd (Oberoi) जैसे प्रतिस्पर्धियों के 28x-35x के मुकाबले काफी ज्यादा है। ITC Hotels भी लगभग 49x से 59x के P/E पर ट्रेड करता है। IHCL का लगभग ₹98-100 बिलियन का मार्केट कैप (Market Cap) भी EIH Ltd (₹20 बिलियन) और ITC Hotels (₹37 बिलियन) से काफी बड़ा है। एनालिस्ट्स का मानना है कि मौजूदा शेयर की कीमत में पहले से ही काफी ग्रोथ की उम्मीदें शामिल हैं, इसलिए किसी भी ऑपरेशनल चुनौती पर स्टॉक पर दबाव आ सकता है।

आगे क्या?

Nuvama का कहना है कि प्रति की-पर मैनेजमेंट फीस (management fees per key) में गिरावट भविष्य के अनुमानों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने FY26 और FY27 के रेवेन्यू और EBITDA अनुमानों को भी घटाया है। हालांकि, अन्य ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि IHCL अपनी 'Accelerate 2030' स्ट्रैटेजी के तहत होटल फुटप्रिंट दोगुना करने की राह पर है और मजबूत ADR ग्रोथ की उम्मीद है। उम्मीद है कि कंपनी नए प्रोजेक्ट्स और डोमेस्टिक डिमांड से लाभान्वित होगी, बशर्ते वह अपने ऑपरेशनल परफॉरमेंस को बनाए रखे।

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