एकमुश्त कमाई का असर, पर बाजार की चिंता बरकरार
Indian Hotels Company (IHCL) ने सितंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में पिछले साल के मुकाबले 50.86% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹954.24 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, इस बड़ी उछाल के पीछे एक खास वजह रही – कंपनी ने एक जॉइंट वेंचर (JV) में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचकर ₹327 करोड़ का एकमुश्त फायदा कमाया। कंपनी के रेवेन्यू में भी 12.19% की ग्रोथ दर्ज की गई, जो ₹2,841.96 करोड़ रहा।
इन मजबूत नतीजों के बावजूद, शेयर बाजार में स्टॉक का 4% गिरना बताता है कि निवेशक केवल एक बार होने वाले फायदों को नहीं देख रहे, बल्कि कंपनी के मुख्य बिजनेस (कोर ऑपरेशन) की ग्रोथ को लेकर थोड़ी चिंता में हैं। बाजार को यह समझना है कि कंपनी अपने ऑपरेशनल लेवल पर कितनी ग्रोथ दिखा पा रही है, खासकर तब जब यह स्टॉक पहले से ही काफी प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।
ब्रोकरेज की राय बंटी, वैल्यूएशन पर सवाल
बाजार की यह अनिश्चितता ब्रोकरेज फर्मों की अलग-अलग राय से भी साफ दिखती है। Nuvama Institutional Equities ने 'Reduce' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए ₹636 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से 10.7% तक की गिरावट का संकेत देता है। Nuvama को होटल सेगमेंट में धीमी ग्रोथ (11% YoY), प्रति की (per key) मैनेजमेंट फीस में गिरावट और बड़े होटलों (जैसे Taj Palace, President) के रेनोवेशन का असर अभी तक नहीं दिखने जैसी बातों पर चिंता है। उन्होंने FY26 के रेवेन्यू और EBITDA अनुमानों में मामूली कटौती भी की है।
दूसरी ओर, Motilal Oswal ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹900 का टारगेट दिया है, जो 26% से ज्यादा के उछाल की उम्मीद जगाता है। Motilal Oswal को मजबूत फूड एंड बेवरेज (F&B) ग्रोथ, MICE एक्टिविटी (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस, एग्जीबिशन) में तेजी, वेडिंग सीजन और कंपनी के बड़े पाइपलाइन (30,200 कीज़) पर भरोसा है।
प्रीमियम वैल्यूएशन और भविष्य की चुनौतियां
IHCL का स्टॉक फिलहाल अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले काफी महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। इसका P/E रेश्यो 55-68x के आसपास है, जबकि EIH Ltd. (Oberoi) 30-31x और Chalet Hotels 29.5x जैसे मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं। यह प्रीमियम वैल्यूएशन बाजार की मुख्य चिंता है।
बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि अगले फाइनेंशियल ईयर (FY26) तक हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की ग्रोथ थोड़ी धीमी होकर 6-8% पर आ सकती है, जो पिछले सालों की डबल-डिजिट ग्रोथ से कम है। IHCL की बात करें तो, पिछले 6 महीनों में शेयर 8.8% और पिछले 12 महीनों में 4.7% गिर चुका है, जो निवेशकों की बढ़ी हुई चिंताओं को दर्शाता है। कंपनी के पास ₹3,877 करोड़ का कैश बैलेंस है और वह एसेट-लाइट मॉडल पर तेजी से विस्तार कर रही है, लेकिन वर्तमान में एकमुश्त आय के सहारे प्रॉफिट को भुनाना और ऑपरेशनल ग्रोथ को साबित करना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है।