दमदार नतीजों के बावजूद शेयर में आई गिरावट!
इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 14.8% बढ़कर ₹600 करोड़ हो गया है, जबकि रेवेन्यू में भी 14% की उछाल के साथ ₹2,765 करोड़ का आंकड़ा पार किया। इसके अलावा, EBITDA में 13.5% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹973 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹3.25 प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया है।
क्यों गिरी शेयर की कीमत?
इतने शानदार नंबर्स के बावजूद, शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट का असर IHCL पर भी देखने को मिला। सोमवार, 11 मई 2026 को, IHCL का शेयर 1.74% गिरकर ₹661.35 पर बंद हुआ, जबकि इसी दौरान Nifty 50 इंडेक्स भी 1.49% टूटा। इस गिरावट के पीछे कुछ प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:
- बाजार में बिकवाली का दबाव: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, तेल की बढ़ती कीमतें और घरेलू चिंताएं निवेशकों को जोखिम कम करने पर मजबूर कर रही हैं।
- मार्जिन पर हल्का दबाव: कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल के 35.3% से मामूली घटकर 35.2% रह गया। हालांकि यह गिरावट बहुत छोटी है, लेकिन यह बढ़ती लागतों (जैसे कर्मचारी खर्च) की ओर इशारा करती है, जिन्हें रेवेन्यू ग्रोथ पूरी तरह से ऑफसेट नहीं कर पाई।
- वैल्यूएशन को लेकर चिंता: IHCL का मार्केट कैप करीब ₹939.68 अरब है और इसका TTM P/E रेश्यो लगभग 46.8 है। यह इसके मुकाबले ईआईएच लिमिटेड (Oberoi) जैसे प्रतिस्पर्धियों से काफी ज्यादा है, जिनका TTM P/E करीब 31.3 है। IHCL का यह प्रीमियम वैल्यूएशन निवेशकों को भविष्य में बड़े ग्रोथ की उम्मीदें दिखाता है, लेकिन मार्जिन पर हल्का दबाव इसे थोड़ा महंगा साबित कर सकता है।
सेक्टर की उम्मीदें और आगे का रास्ता
भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए आगे की राह अच्छी दिख रही है। उम्मीद है कि FY26 में सेक्टर का रेवेन्यू 9-12% बढ़ेगा, जिसका मुख्य कारण डोमेस्टिक टूरिज्म, MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेस और एग्जीबिशन) और बिजनेस ट्रैवल में तेजी है। ऑक्यूपेंसी रेट 72-74% के आसपास रहने का अनुमान है, जो कीमतों में स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा।
एनालिस्ट्स का भरोसा
बावजूद इसके कि नतीजों के बाद शेयर में गिरावट आई, एनालिस्ट्स IHCL को लेकर काफी बुलिश (Bullish) हैं। उनका 'Strong Buy' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹803.52 से ₹923.56 तक का है, जो 24% से 39% तक के संभावित अपसाइड का संकेत देता है। कंपनी FY27 में लगभग 60 नए होटल खोलने की योजना बना रही है, जिससे भविष्य में ग्रोथ की उम्मीदें और बढ़ जाती हैं। हालांकि, निवेशकों की नजर मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव और बाजार के सेंटिमेंट पर बनी रहेगी।
