अंडमान में लग्जरी का नया पता
IHCL की यह पहल अपने मुख्य लग्जरी होटलों से हटकर नए रेवेन्यू सोर्स (Revenue Source) बनाने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी का लक्ष्य अनुभव-केंद्रित यात्रा (Experience-Focused Travel) की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
होमस्टे पर फोकस, बड़े निवेश की तैयारी
यह विस्तार कंपनी के 'एक्सीलरेट 2030' (Accelerate 2030) प्लान का अहम हिस्सा है। IHCL ने अंडमान में 10 नए बंगले जोड़ने के लिए ₹100 करोड़ का निवेश किया है (इसमें जमीन की लागत शामिल नहीं है)। कंपनी का मानना है कि होमस्टे सेक्टर अगले 11% सालाना की दर से 2031 तक बढ़ सकता है।
आय बढ़ाने और पोर्टफोलियो दोगुना करने का लक्ष्य
IHCL के सीईओ, पुनीत छतवाल ने बताया कि नए बिजनेस सेगमेंट, जो फिलहाल रेवेन्यू का 8% हैं, FY27 तक डबल-डिजिट में पहुंच जाएंगे। कंपनी 2030 तक अपने कुल होटल पोर्टफोलियो को 700 प्रॉपर्टीज से अधिक करने का लक्ष्य रखती है, जिसमें ग्रोथ का बड़ा हिस्सा मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स (Management Contracts) और फी-बेस्ड इनकम (Fee-Based Income) से आएगा।
बाजार में मजबूत पकड़ और ग्रोथ की उम्मीद
IHCL का ₹91 अरब मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) EIH Ltd (₹20 अरब) और Chalet Hotels (₹17 अरब) जैसे कंपटीटर्स से काफी बड़ा है। इसके P/E रेश्यो (42-45) से निवेशक कंपनी की ग्रोथ योजनाओं पर भरोसा जता रहे हैं। हालांकि, इंडस्ट्री के औसत 12.38% CAGR की तुलना में IHCL का रेवेन्यू ग्रोथ इंडस्ट्री औसत के बराबर है, जो कुछ हद तक मार्केट शेयर खोने का संकेत दे सकता है।
भविष्य की राह और संभावित जोखिम
कंपनी 2030 तक अपनी कुल आय को दोगुना करने का अनुमान लगा रही है, जिसमें नए बिजनेस एरिया एक चौथाई योगदान देंगे। 255 होटलों के मजबूत पाइपलाइन के साथ, IHCL भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हॉस्पिटैलिटी (Hospitality) की मांग को पूरा करने के लिए तैयार है। होमस्टे मार्केट में क्वालिटी कंट्रोल और ब्रांड स्टैंडर्ड्स बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है, साथ ही ग्लोबल इवेंट्स का यात्रा मांग पर असर पड़ने की आशंका भी है।
