Hotel Industry: BRICS और बड़े बिजनेस इवेंट्स से भारत के होटलों में बहार, बुकिंग में आई जोरदार उछाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Hotel Industry: BRICS और बड़े बिजनेस इवेंट्स से भारत के होटलों में बहार, बुकिंग में आई जोरदार उछाल

सितंबर महीने में भारत के होटल सेक्टर में ऑक्यूपेंसी और रूम रेंट में भारी उछाल देखा जा रहा है। BRICS समिट और ग्लोबल फिनटेक फेस्ट जैसे बड़े इवेंट्स से होटल कंपनियों की कमाई बढ़ी है, लेकिन निवेशकों को सेक्टर की सप्लाई की कमी और इवेंट्स पर निर्भरता जैसे जोखिमों पर भी नजर रखनी चाहिए।

भारत का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर सितंबर 2026 के पहले पखवाड़े में बुकिंग और रूम रेंट में भारी तेजी देख रहा है। इस उछाल के पीछे नई दिल्ली में होने वाली 18वीं BRICS समिट, मुंबई का ग्लोबल फिनटेक फेस्ट और आगामी 'सेमीकॉन इंडिया 2026' जैसे बड़े कार्यक्रम मुख्य वजह हैं। सरकारी प्रतिनिधिमंडलों और बिजनेस यात्रियों की भीड़ से दिल्ली जैसे प्रमुख बिजनेस हब में एवरेज डेली रेट्स (ADR) काफी बढ़ गए हैं।

RateGain Travel Technologies के डेटा के मुताबिक, सितंबर के पहले 8 दिनों में बुकिंग वॉल्यूम 36% बढ़ी है, लेकिन बुकिंग वैल्यू में 82% का बड़ा उछाल आया है। यह फासला बताता है कि यात्री प्रीमियम लग्जरी कमरे बुक कर रहे हैं और ज्यादा समय तक रुक रहे हैं।

सप्लाई की कमी बनी चुनौती

निवेशकों के लिए यह मांग एक पुरानी समस्या को भी उजागर करती है: देश में ब्रांडेड होटलों के कमरों की भारी कमी। अनुमान है कि भारत में अभी सिर्फ 2,00,000 से 2,20,000 ही ब्रांडेड होटल रूम्स हैं। चूंकि प्रीमियम कैटेगरी की मांग सालाना 8% से 10% की रफ्तार से बढ़ रही है, इसलिए यह सीमित इन्वेंट्री होटलों को अपनी मनमानी कीमतें वसूलने का मौका दे रही है। Ibis और The LaLiT New Delhi जैसे प्लेयर्स ने ऑक्यूपेंसी में भारी बढ़ोतरी दर्ज की है।

रिस्क फैक्टर और सावधानियां

हालांकि मौजूदा रेवेन्यू ट्रेंड मजबूत दिख रहा है, लेकिन निवेशकों को यह समझने की जरूरत है कि यह ग्रोथ स्थायी है या सिर्फ इवेंट-आधारित। सेक्टर की प्रॉफिटेबिलिटी काफी हद तक इन ग्लोबल समिट्स की डेंसिटी पर निर्भर है। अगर इवेंट्स का कैलेंडर धीमा होता है, तो होटलों के लिए इन ऊंचे रेंट को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है, जिससे मार्जिन पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट भी एक चिंता का विषय बनी हुई है। निवेशकों को आने वाले महीनों में यह देखना होगा कि क्या इवेंट सीजन खत्म होने के बाद भी होटल अपनी ऑक्यूपेंसी बरकरार रख पाते हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.