FAITH का प्रस्ताव: पर्यटन को मिलेगा 'उद्योग' का दर्जा, GDP में हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी

TOURISM
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
FAITH का प्रस्ताव: पर्यटन को मिलेगा 'उद्योग' का दर्जा, GDP में हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी

भारतीय पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी महासंघ (FAITH) ने पर्यटन क्षेत्र की तरक्की के लिए एक खास प्रस्ताव तैयार किया है। इस 'टूरिज्म ग्रोथ चार्टर' का मकसद सेक्टर की ग्रोथ को **8.5%** तक ले जाना और भारत को **2036** तक दुनिया की टॉप-4 टूरिज्म इकोनॉमी बनाना है।

पर्यटन क्षेत्र में बड़ी क्रांति की तैयारी

भारतीय यात्रा और पर्यटन क्षेत्र इस साल 8.5% की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद कर रहा है। इस ग्रोथ से इंडस्ट्री का GDP में कुल योगदान बढ़कर $286 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। लंबी अवधि की बात करें तो, साल 2036 तक भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी पर्यटन अर्थव्यवस्था बन सकता है।

FAITH का 'टूरिज्म ग्रोथ चार्टर'

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी (FAITH) ने 'टूरिज्म ग्रोथ चार्टर' पेश किया है। यह पहल उन पुरानी अड़चनों को दूर करने पर केंद्रित है जो सेक्टर के विकास को रोक रही थीं। चार्टर की मुख्य मांगों में से एक यह है कि केंद्र सरकार पर्यटन को 'इंफ्रास्ट्रक्चर' का दर्जा दे, साथ ही सभी राज्य सरकारें इसे आधिकारिक तौर पर 'इंडस्ट्री' मानें। इसके समर्थकों का कहना है कि इससे पर्यटन कंपनियों को सस्ता लोन और टैक्स में छूट जैसे फायदे मिल सकेंगे।

50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन का होगा 'मिशन मोड' विकास

सिर्फ दर्जे में बदलाव ही नहीं, यह चार्टर 50 चुनिंदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन के 'मिशन मोड' में विकास पर भी जोर देता है। इन जगहों पर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया जाएगा ताकि घरेलू और विदेशी पर्यटकों को लुभाया जा सके। इसके अलावा, ई-वीजा के विस्तार समेत आसान वीजा नियमों और 'ब्रांड भारत' के तहत एक मजबूत ग्लोबल मार्केटिंग कैंपेन चलाने की भी मांग की गई है।

रोजगार के अवसर और आर्थिक प्रभाव

आर्थिक मोर्चे पर, इन कदमों से बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। अभी इंडस्ट्री 4.5 करोड़ लोगों को सीधे रोजगार दे रही है, जिसे 2047 तक बढ़ाकर 10 करोड़ करने का लक्ष्य है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि सरकार इस सेक्टर को महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक अहम जरिया मानती है।

निवेशकों के लिए खास बातें

यात्रा और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि नीतिगत बदलावों के बावजूद, इसका असली फायदा कंपनियों को कितना होगा, यह केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा प्रस्तावों को अपनाने पर निर्भर करेगा। 50 डेस्टिनेशन प्रोजेक्ट की समय-सीमा और राज्यों द्वारा हॉस्पिटैलिटी प्लेयर्स के लिए लागत कम करने हेतु 'इंडस्ट्री' का दर्जा देने जैसे कदम प्रमुख होंगे।

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