नई दिल्ली में होने वाले आगामी BRICS Summit के कारण लक्जरी होटलों के दाम आसमान छू रहे हैं। प्रति रात किराया **₹2.6 लाख** तक पहुंच गया है, वहीं हवाई सफर भी **39%** महंगा हो गया है, जिसका असर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के शेयरों पर पड़ सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को होने वाले 18वें BRICS Summit की तैयारी के बीच हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कीमतों का तूफान आ गया है। डेटा के अनुसार, 11 से 13 सितंबर के बीच फाइव-स्टार होटलों ने अपना किराया ₹2.4 लाख से ₹2.6 लाख प्रति रात के बीच फिक्स कर दिया है। विदेशी मेहमानों और डिप्लोमेट्स की भारी भीड़ के चलते ज्यादातर बड़े होटलों की बुकिंग पहले ही फुल हो चुकी है।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
शेयर बाजार में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए यह घटना एक 'शॉर्ट-टर्म कैटलिस्ट' की तरह है। दिल्ली-NCR में मजबूत मौजूदगी वाली कंपनियां जैसे The Indian Hotels Company Ltd (IHCL), EIH Ltd (जो ओबेरॉय और ट्राइडेंट ब्रांड चलाती है) और Chalet Hotels के लिए यह समय ADR (Average Daily Rate) और RevPAR (Revenue Per Available Room) को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। ऐसे आयोजनों में प्रीमियम प्राइसिंग का सीधा फायदा कंपनियों के तिमाही नतीजों पर दिखता है।
क्या है रिस्क फैक्टर?
हवाई किरायों में पिछले साल के मुकाबले 39% की भारी बढ़त देखी गई है, जो आम यात्रियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ा रही है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना होगा कि यह कमाई 'इवेंट-बेस्ड' है, न कि कोई स्थायी ऑर्गेनिक ग्रोथ। वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा इंतजामों के कारण होटल के सामान्य कामकाज पर भी असर पड़ता है। साथ ही, बहुत ज्यादा डायनेमिक प्राइसिंग से भविष्य में ब्रांड इमेज पर प्रतिकूल असर पड़ने का रिस्क भी बना रहता है।
