Budget 2026: टूरिज्म सेक्टर को बड़ा बूस्ट, पर Promotion Funds में भारी कटौती!

TOURISM
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Budget 2026: टूरिज्म सेक्टर को बड़ा बूस्ट, पर Promotion Funds में भारी कटौती!
Overview

Union Budget 2026-27 ने भारत के टूरिज्म सेक्टर को बड़ी सौगात दी है, लेकिन एक चिंताजनक पहलू भी सामने आया है। सरकार ने टूरिज्म के लिए आवंटन (Allocation) बढ़ाकर **₹2,438.4 करोड़** कर दिया है, लेकिन मार्केटिंग और प्रमोशन पर होने वाले खर्च में लगभग **96%** की भारी कटौती की है। इसके अलावा, विदेशी टूर पैकेज पर TCS (Tax Collected at Source) को घटाकर **2%** कर दिया गया है।

बजट का मिला-जुला असर: टूरिज्म सेक्टर में उम्मीदें और चिंताएँ

Union Budget 2026-27 में भारत के ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए एक मिला-जुला तस्वीर पेश हुई है। जहाँ सरकार ने टूरिज्म के लिए कुल बजट आवंटन को पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹1310 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,438.4 करोड़ कर दिया है, वहीं एक बड़ा झटका मार्केटिंग और प्रमोशन के बजट में लगा है। इस महत्वपूर्ण मद में खर्च को भारी कटौती के साथ ₹103.4 करोड़ से घटाकर महज़ ₹3.5 करोड़ कर दिया गया है। यह 96% की कटौती इंडस्ट्री के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि इससे विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने और विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) कमाने के प्रयासों पर असर पड़ सकता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर और ग्राहकों को राहत

इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर, बजट में महत्वाकांक्षी योजनाएं शामिल हैं। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है, जिन्हें 'ग्रोथ कनेक्टर्स' के रूप में देखा जा रहा है, जो मुंबई-पुणे और दिल्ली-वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेंगे। साथ ही, 15 ऐतिहासिक स्थलों को 'एक्सपीरिएंशियल' सांस्कृतिक डेस्टिनेशन्स के तौर पर विकसित किया जाएगा। सरकार पहाड़ों, वन्यजीवों और पक्षी देखने के लिए इकोलॉजिकल रूप से सस्टेनेबल ट्रेल्स भी विकसित करेगी। आम ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहत यह है कि अब विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले TCS को 5% और 20% से घटाकर, खर्च की राशि चाहे जितनी भी हो, 2% कर दिया गया है। इससे अंतर्राष्ट्रीय यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को राहत मिलने और आउटबाउंड टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इंडस्ट्री की चिंताएं और मांगें

इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट और TCS में कटौती के बावजूद, मार्केटिंग और प्रमोशन के बजट में की गई भारी कटौती इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा मुद्दा है। इंडस्ट्री के दिग्गजों का कहना है कि यह कदम अनजाने में इनबाउंड टूरिज्म की कीमत पर आउटबाउंड टूरिज्म को बढ़ावा दे सकता है, जो विदेशी मुद्रा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। FAITH (Federation of Hotel & Restaurant Associations of India) ने अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन प्रचार के लिए स्पष्ट आवंटन की कमी पर प्रकाश डाला है। Thomas Cook (India) के MD और CEO, महेश अय्यर ने कहा कि अगर मार्केटिंग पर ज्यादा खर्च होता तो इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ ग्लोबल विजिबिलिटी में भी 'डबल-बैरल' इफेक्ट देखने को मिल सकता था। वहीं, होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट, के.बी. कचरू ने दोहराया कि इंडस्ट्री की एक पुरानी मांग - व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर रिकग्निशन - को बजट में खास तवज्जो नहीं मिली है।

स्किल डेवलपमेंट और भविष्य की राह

बजट में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में स्किल्ड मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना का प्रस्ताव है, जो मौजूदा नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करके बनाया जाएगा। इसके अलावा, 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को स्किल अपग्रेड करने के लिए एक पायलट प्रोग्राम और हेरिटेज साइट्स के डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड भी बनाने की योजना है। सेक्टर को 2028 तक USD 59 बिलियन से अधिक का योगदान करने की उम्मीद है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और प्रमोशन फंडिंग कट के बीच विरोधाभासी संकेतों के चलते इनबाउंड टूरिज्म का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.