1 दिसंबर से Air India फिर से दिल्ली से तेल अवीव के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने जा रही है। वहीं, इजरायल भी भारतीय पर्यटकों को लुभाने के लिए नए वीजा नियमों और कैंपेन के साथ मैदान में उतर चुका है।
फिर से खुलेगी हवा की राह
एयर इंडिया (Air India) अब 1 दिसंबर से दिल्ली और तेल अवीव के बीच अपनी नॉन-स्टॉप सर्विस फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इजरायली पर्यटन मंत्रालय भारतीय मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रहा है। कंपनी अब केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित न रहकर, लीजर टूरिज्म और कॉरपोरेट इवेंट्स पर अपना पूरा फोकस कर रही है।
वीजा नियमों में ढील
इजरायल ने भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वीजा प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया है। अब जिन यात्रियों के पास वैध US या Schengen वीजा है, उन्हें तेज गति से ई-वीजा (e-visa) की सुविधा मिलेगी। इस कदम का सीधा असर यह है कि अब ट्रैवल प्लानिंग में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा, जिससे इजरायल को प्री-पेंडमिक लेवल के 70,000 वार्षिक भारतीय सैलानियों के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
टाटा ग्रुप की ग्रोथ रणनीति
टाटा ग्रुप के स्वामित्व में आने के बाद से ही एयर इंडिया अपने इंटरनेशनल नेटवर्क को तेजी से विस्तार दे रही है। तेल अवीव रूट की वापसी कंपनी की इसी ग्रोथ स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, ताकि मिडिल ईस्ट में अपनी कैपेसिटी को फिर से बढ़ाया जा सके। हालांकि, इस क्षेत्र में जारी जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता और तनाव एक बड़ी चुनौती है।
निवेशकों और एविएशन सेक्टर के जानकारों की नजर अब इस रूट पर 'लोड फैक्टर' और एयरलाइन के ऑपरेशनल स्टेबिलिटी पर टिकी होगी। अगर फ्लाइट शेड्यूल लगातार मेंटेन रहता है, तो यह न केवल कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के लिए बेहतर होगा, बल्कि पर्यटकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
