Tuni Textile Mills ने घरेलू बाजार से **₹31 करोड़** के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। इस डील के चलते कंपनी की **99%** एनुअल प्रोडक्शन कैपेसिटी अगले चार महीनों के लिए बुक हो गई है, जिससे निवेशकों को कंपनी के एग्जीक्यूशन और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर नजर रखनी होगी।
ऑर्डर बुक और क्षमता का गणित
कंपनी ने अपने 2 मिलियन मीटर की सालाना मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का 99% हिस्सा यानी 1.975 मिलियन मीटर वूवेन शर्टिंग और फिनिश्ड फैब्रिक सप्लाई करने का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। इन ऑर्डर्स को पूरा करने के लिए 60 से 120 दिनों का समय तय किया गया है। इसमें Northakross Syntex, Sharda Corporation और Disha Clothings जैसी कंपनियां मुख्य क्लाइंट्स हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी और रिस्क
ऑर्डर मिलना अच्छी खबर है, लेकिन 99% कैपेसिटी का बुक होना बिजनेस के लिए रिस्क भी पैदा करता है। अगर MIDC मुरबाड प्लांट की मशीनों में कोई तकनीकी खराबी आती है या सप्लाई चेन में रुकावट पैदा होती है, तो कंपनी के लिए डेडलाइन पूरा करना मुश्किल हो सकता है। साथ ही, कंपनी के पास अब नए और अधिक प्रॉफिट वाले ऑर्डर्स लेने के लिए बहुत कम जगह बची है।
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल चुनौतियां
टेक्सटाइल सेक्टर में कॉटन और पॉलिएस्टर ब्लेंड जैसे रॉ मटेरियल के लिए भारी वर्किंग कैपिटल की जरूरत होती है। क्लाइंट कंसंट्रेशन ज्यादा होने के कारण पेमेंट में देरी या रॉ मटेरियल की कीमतों में उछाल सीधे कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव डाल सकता है। निवेशकों को कंपनी की अगली तिमाही की कमेंट्री पर गौर करना होगा कि क्या वे इस ₹31 करोड़ के ऑर्डर को बिना मार्जिन दबाव के पूरा कर पाएंगे या नहीं।
