मदुरै स्थित Thiagarajar Mills और जर्मनी की Euro Textiles ने तमिलनाडु के विरुधुनगर में एक हाई-टेक फैब्रिक प्लांट लगाने के लिए ₹100 करोड़ की जॉइंट वेंचर (JV) की घोषणा की है।
टेक्सटाइल सेक्टर में बड़ा निवेश आया है। मदुरै की Thiagarajar Mills ने जर्मनी की कंपनी Euro Textiles GmbH & Co. KG के साथ मिलकर एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस जॉइंट वेंचर का मुख्य उद्देश्य प्रीमियम कॉटन जैक्वार्ड फैब्रिक का निर्माण करना है, जो सीधे तौर पर यूरोपीय बाजारों की मांग को पूरा करेगा।
नई फैसिलिटी की खूबियां
यह प्लांट तमिलनाडु के विरुधुनगर में स्थापित किया जा रहा है, जिसमें 48 हाई-स्पीड एयर-जेट लूम्स (Looms) लगाए जाएंगे। इसके अलावा, इसमें एडवांस्ड साइजिंग और वार्पिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर भी होगा।
प्रोडक्शन का प्लान
कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को दो फेज में बांटा है:
- फेज 1: इसमें सालाना 3 मिलियन मीटर फैब्रिक उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
- फेज 2: ऑपरेशंस स्थिर होने के बाद क्षमता को दोगुना कर 6 मिलियन मीटर प्रति वर्ष तक ले जाने की योजना है। इसके साथ ही कंपनी अब कमोडिटी प्रोडक्ट्स से हटकर हाई-वैल्यू टेक्निकल टेक्सटाइल और पेटेंटेड फैब्रिक सॉल्यूशंस की ओर कदम बढ़ाएगी।
बाजार पर असर
यह निवेश भारतीय कंपनियों द्वारा वैल्यू चेन में ऊपर उठने की कोशिश को दर्शाता है। फिलहाल, यूरोप में फैब्रिक इंपोर्ट और भारत से होने वाले एक्सपोर्ट के बीच एक बड़ा अंतर है। इस नए एक्सपोर्ट हब के जरिए कंपनी उस क्वालिटी गैप को भरने की कोशिश कर रही है, जो भारतीय टेक्सटाइल मेकर्स को यूरोप के हाई-एंड मार्केट में मुकाबले से रोकता था।
उम्मीद है कि 8 महीने के भीतर यह प्लांट कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू कर देगा। अब देखना यह होगा कि कंपनी अपने प्रोडक्शन टाइमलाइन और यूरोपीय बाजार की डिमांड को कैसे मैनेज करती है।
