T.T. Limited के प्रमोटर्स ने कंपनी में अपना भरोसा फिर से जताया है। कंपनी के प्रमोटर ग्रुप, T.T. Brands Limited ने हाल ही में 16 से 17 मार्च 2026 के बीच 1,31,103 इक्विटी शेयर्स की खरीदारी की है। इस खरीद के साथ ही, कंपनी में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 34.2313% से बढ़कर 34.282% हो गई है। यह प्रमोटर होल्डिंग 88,567,108 शेयर्स के बराबर है, जो कंपनी के कुल 25,83,10,944 शेयर्स का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बाजार में अक्सर प्रमोटर्स द्वारा शेयर्स की खरीदारी को कंपनी के भविष्य के प्रति मजबूत भरोसे का संकेत माना जाता है। यह दर्शाता है कि कंपनी के अंदरूनी लोगों को लगता है कि शेयर का भाव अभी भी कम है या भविष्य में इसमें और वृद्धि की संभावना है। इससे रिटेल इन्वेस्टर्स (retail investors) का भी ध्यान कंपनी के फंडामेंटल्स (fundamentals) और उसकी ग्रोथ स्ट्रेटेजी (growth strategy) पर जाता है।
यह खरीदारी मार्च 2026 में प्रमोटर्स द्वारा की गई लगातार खरीद का हिस्सा है। इससे पहले, मार्च की शुरुआत में हुई खरीद ने प्रमोटर की हिस्सेदारी को लगभग 34.16% से बढ़ाकर 34.23% कर दिया था। T.T. Limited सिर्फ प्रमोटर की खरीदारी पर ही नहीं, बल्कि अन्य मोर्चों पर भी सक्रिय रही है। जून 2025 में, बोर्ड ने कैपिटल (capital) को मजबूत करने के लिए ₹40 करोड़ के राइट्स इशू (rights issue) को मंजूरी दी थी। वहीं, नवंबर 2025 में, कंपनी ने एक बड़ा डाइवर्सिफिकेशन (diversification) प्लान भी घोषित किया था, जिसमें एक कोरुगेटेड बॉक्स यूनिट (corrugated box unit), वियतनाम में एक सोर्सिंग ऑफिस (sourcing office) और अपने 'Hiflyer' ब्रांड का विस्तार शामिल था। इससे पहले, फरवरी 2025 में, T.T. Limited ने अपने शेयर्स को स्प्लिट (split) भी किया था, जिससे फेस वैल्यू (face value) ₹10 से घटाकर ₹1 कर दी गई थी।
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ जोखिम (risks) भी हैं। नवंबर 2025 में SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स (non-executive directors) के 75 वर्ष से अधिक आयु के नियमों का पालन न करने पर ₹2,14,760 का जुर्माना लगाया था। वित्तीय प्रदर्शन (financial performance) भी एक चिंता का विषय बना हुआ है, जिसमें पिछले पांच सालों में सेल्स ग्रोथ (sales growth) में -12.7% की गिरावट देखी गई है और पिछले तीन सालों में रिटर्न ऑन इक्विटी (return on equity - ROE) -7.09% रहा है। ऑपरेशनल चैलेंजेस (operational challenges) भी दिखाई दे रहे हैं, जैसे डेटर डेज (debtor days) का 62.1 से बढ़कर 76.7 दिन होना और वर्किंग कैपिटल डेज (working capital days) का 56.5 से बढ़कर 99.5 दिन हो जाना।
T.T. Limited टेक्सटाइल (textile) इंडस्ट्री में काम करती है, जहां KPR Mill Ltd, Vardhman Textile, Trident, और Sutlej Textiles and Industries Ltd जैसी कंपनियां भी मौजूद हैं। जहां Vardhman Textile ने Q4 FY24 में ₹2505.31 करोड़ की सेल्स पर ₹168.50 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया, और Trident ने ₹1574.46 करोड़ की सेल्स पर ₹44.24 करोड़ का प्रॉफिट कमाया, वहीं T.T. Limited सेल्स ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) के मामले में संघर्ष करती दिख रही है।
आगे निवेशक प्रमोटर शेयरहोल्डिंग (shareholding) में और बदलावों पर नजर रखेंगे। वे T.T. Limited के डाइवर्सिफिकेशन प्लान्स (diversification plans) की सफलता और सेल्स ग्रोथ व प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) को बेहतर बनाने की कंपनी की क्षमता पर भी गौर करेंगे। SEBI फाइन वेवर एप्लीकेशन (waiver application) पर अपडेट और समग्र कंप्लायंस (compliance) का पालन भी महत्वपूर्ण होगा।
