Swaraj Suiting ने जून तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **100%** बढ़कर **₹16.22 करोड़** हो गया है। इस शानदार ग्रोथ के पीछे रेवेन्यू में **138%** का उछाल रहा। इसके साथ ही, कंपनी SME प्लेटफॉर्म से NSE और BSE के मेनबोर्ड पर माइग्रेट होने की तैयारी में है, जिसके लिए उसे इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिल गया है।
मुनाफा दोगुना, रेवेन्यू में 138% की जोरदार छलांग!
राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित टेक्सटाइल कंपनी Swaraj Suiting Limited ने 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में अपने वित्तीय प्रदर्शन में ज़बरदस्त उछाल दर्ज किया है। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 100.2% बढ़कर ₹16.22 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹8.09 करोड़ था। कंपनी के ऑपरेशंस में आई ज़बरदस्त तेजी के चलते रेवेन्यू 138.8% बढ़कर ₹183.37 करोड़ तक पहुंच गया।
मेनबोर्ड पर लिस्टिंग की तैयारी!
यह कंपनी के लिए एक और बड़ी कॉर्पोरेट उपलब्धि है। Swaraj Suiting को NSE और BSE के SME प्लेटफॉर्म से उनके मेनबोर्ड पर माइग्रेट करने के लिए इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिल गया है। इस कदम से स्टॉक की लिक्विडिटी (तरलता) बढ़ेगी और यह बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को आकर्षित कर सकेगा, जो आमतौर पर SME सेगमेंट में निवेश नहीं करते।
सरकारी सब्सिडी से मिली मदद
कंपनी की वित्तीय सेहत को सरकारी सब्सिडी से भी बल मिला है। अगस्त 2026 तक के दो महीनों में, कंपनी को कुल ₹27.54 करोड़ की सब्सिडी मिली, जिसमें हाल ही में ₹20.50 करोड़ का भुगतान शामिल है। यह फंड कंपनी को अपने ऑपरेशनल खर्चों और ग्रोथ इनिशिएटिव्स को सपोर्ट करने में मदद करेगा। Swaraj Suiting अपने नए एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स—जैसे रिंग स्पिनिंग, ओपन-एंड स्पिनिंग, और टेक्निकल टेक्सटाइल्स—के कमर्शियल प्रोडक्शन को 2028 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही तक शुरू करने का लक्ष्य रखती है।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नज़र?
जहां एक ओर कंपनी की ग्रोथ शानदार है, वहीं निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए। कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकिल बढ़ गया है, वर्किंग कैपिटल डेज़ 55.7 दिनों से बढ़कर 82.5 दिन हो गए हैं। इसका मतलब है कि कंपनी को इन्वेंट्री और सेल्स को कैश में बदलने में ज़्यादा समय लग रहा है।
इसके अलावा, पिछले तीन सालों में प्रमोटर होल्डिंग में लगभग 8.61% की गिरावट आई है। निवेशक यह भी ध्यान दें कि कंपनी फिलहाल कोई डिविडेंड (Dividend) नहीं देती, क्योंकि वह अपने कैपिटल को री-इन्वेस्टमेंट और एक्सपेंशन पर फोकस कर रही है। टेक्सटाइल सेक्टर कच्चे माल की कीमतों और कंज्यूमर डिमांड में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील होता है, इसलिए आने वाली तिमाहियों में कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगी।
