लिस्टिंग पर बड़ी गिरावट का खेल
Shree Ram Twistex Ltd. ने 2 मार्च, 2026 को शेयर बाजार में कदम रखा, लेकिन यह शुरुआत धमाकेदार नहीं, बल्कि निराशाजनक रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयर ₹68 पर खुले, जो IPO प्राइस बैंड ₹95-104 से 34.61% कम था। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर भी हालात कुछ ऐसे ही थे, शेयर ₹70 पर खुले, जो IPO कीमत से 32.69% का डिस्काउंट था। यह सब तब हुआ जब कंपनी का IPO 43.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जिसमें रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की ओर से जबरदस्त मांग देखी गई थी। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹279.03 करोड़ पर आ गया।
टेक्सटाइल सेक्टर की चुनौतियाँ और कंपनी की रणनीति
यह B2B टेक्सटाइल प्लेयर अपनी मार्जिन सुधारने के लिए ग्रीन एनर्जी के इस्तेमाल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर ज़ोर दे रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, कंपनी ने ₹256.32 करोड़ का रेवेन्यू और ₹8.00 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जिसमें EBITDA मार्जिन 12.9% रहा। हालांकि, टेक्सटाइल सेक्टर को हाल के दिनों में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। 2025 के अंत में, इंडस्ट्री को अमेरिकी टैरिफ में 50% की बढ़ोतरी जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिससे कई कंपनियों की बिक्री घटी और उन्हें कीमतें कम करनी पड़ीं। हालांकि, 2026 की शुरुआत में अमेरिकी टैरिफ घटकर 18% कर दिए गए हैं, जिससे कुछ हद तक प्रतिस्पर्धा आसान हो सकती है। कंपनी की ग्रीन एनर्जी पर फोकस बढ़ती ऑपरेशनल लागत को कम करने की कोशिश है।
वैल्यूएशन पर विश्लेषकों की राय
विश्लेषकों का मानना है कि इंडस्ट्री के दूसरे प्लेयर्स के मुकाबले Shree Ram Twistex का वैल्यूएशन थोड़ा ज़्यादा लगता है। कंपनी का पोस्ट-IPO P/E रेश्यो करीब 52.2x अनुमानित है, जबकि H1 FY26 की कमाई के आधार पर फॉरवर्ड P/E 29.69x बताया गया है। इसकी तुलना में, दूसरी कॉटन यार्न बनाने वाली कंपनी Ambika Cotton Mills का P/E रेश्यो लगभग 11.37x है। यह बड़ा अंतर बताता है कि शायद मार्केट कंपनी की एफिशिएंसी सुधारने और ग्रीन एनर्जी पहलों को IPO में मांगी गई प्रीमियम वैल्यू नहीं दे रहा है। इसके अलावा, टेक्सटाइल सेक्टर कॉटन जैसे रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से प्रभावित होता रहा है।
गहरी चिंताएं (The Forensic Bear Case)
IPO में भारी सब्सक्रिप्शन के बावजूद लिस्टिंग पर इतनी बड़ी गिरावट, निवेशकों के गहरे संशय को दिखाती है। मुख्य चिंता कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर है, जो टेक्सटाइल इंडस्ट्री के स्थापित खिलाड़ियों की तुलना में काफी अधिक लगता है। 52.2x के P/E रेश्यो पर, Shree Ram Twistex, 11.37x P/E पर ट्रेड करने वाली Ambika Cotton Mills जैसी कंपनियों की तुलना में काफी महंगा दिख रहा है। इसके अलावा, कंपनी का B2B मॉडल कुछ बड़े ग्राहकों पर बहुत ज़्यादा निर्भर है, जिनके साथ कोई लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट नहीं है। यह एक बड़ा जोखिम है। कॉटन की कीमतों में अस्थिरता भी हमेशा एक चुनौती रही है, जो सीधे तौर पर लागत और मार्जिन को प्रभावित करती है।
भविष्य का नज़रिया
बाजार के प्रतिभागियों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि नए निवेश से पहले लिस्टिंग के बाद शेयर के प्राइस डिस्कवरी और स्थिरीकरण का इंतज़ार करना चाहिए। कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार और रिन्यूएबल एनर्जी का एकीकरण सकारात्मक हैं, लेकिन निवेशकों को कंपनी के एग्जीक्यूशन, लिक्विडिटी और टेक्सटाइल सेक्टर की रिकवरी पर कड़ी नज़र रखनी होगी। मौजूदा मार्केट सेंटिमेंट IPO की उत्सुकता और लिस्टिंग के बाद की वैल्यूएशन वास्तविकता के बीच एक बड़े अंतर को दर्शाता है, जिस पर सोच-समझकर ही कोई कदम उठाना चाहिए।