Nirbhay Colours India: 7 निवेशकों का ₹1.42 करोड़ का ओपन ऑफर, शेयर होल्डर्स के लिए क्या है खास?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nirbhay Colours India: 7 निवेशकों का ₹1.42 करोड़ का ओपन ऑफर, शेयर होल्डर्स के लिए क्या है खास?
Overview

Nirbhay Colours India Limited के शेयरधारकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सात निवेशकों के एक समूह ने कंपनी में **42.38%** हिस्सेदारी हासिल करने के लिए **₹1.42 करोड़** का ओपन ऑफर लॉन्च किया है। यह ऑफर **₹10** प्रति शेयर के भाव पर लाया गया है।

BSE पर लिस्टेड टेक्सटाइल कंपनी Nirbhay Colours India Limited में मैनेजमेंट का चेहरा बदलने वाला है। सात निवेशकों के एक कंसोर्टियम ने कंपनी में 42.38% शेयर्स खरीदने के लिए ₹1.42 करोड़ का ओपन ऑफर पेश किया है। इस ऑफर के तहत, 14,19,700 शेयर्स ₹10 प्रति शेयर के भाव पर खरीदे जाएंगे। इस ग्रुप में मिस्टर दक्तेश रमेशचंद्र शाह, मिस्टर ध्रुविन शाह और सेहर रिटेल प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं। यह कदम सीधे तौर पर कंपनी के नियंत्रण और मैनेजमेंट में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है, क्योंकि ये नए निवेशक Nirbhay Colours के विस्तार और बिजनेस में डाइवर्सिफिकेशन की योजना बना रहे हैं।

इससे पहले, इन एक्वायरर्स ने ₹67.43 लाख में 6,74,300 शेयर्स (जो कि 20.13% हिस्सेदारी है) मौजूदा शेयरधारकों से ₹10 प्रति शेयर के भाव पर खरीदने की डील फाइनल कर ली है। एक्वायरर्स की फाइनेंशि‍यल कैपेसिटी की बात करें तो, मुख्य एक्वायरर सेहर रिटेल प्राइवेट लिमिटेड ने फाइनेंशियल ईयर 2023 में ₹XX करोड़ का रेवेन्यू और ₹A करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2024 में यह रेवेन्यू ₹YY करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹B करोड़ रहा, और फाइनेंशियल ईयर 2025 में रेवेन्यू ₹ZZ करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹C करोड़ दर्ज किया गया। मार्च 31, 2025 तक सभी सात एक्वायरर्स की कुल नेट वर्थ इतनी है कि वे इस पूरे ऑफर को अपने इंटरनल रिसोर्सेज से फंड कर सकते हैं।

हालांकि, Nirbhay Colours India के लिए आगे की राह आसान नहीं होगी। यह कंपनी वर्तमान में BSE पर 'ZP' कैटेगरी में ट्रेड कर रही है और पिछले एक दशक में कंपनी कई बार एनुअल रिपोर्ट्स और फाइनेंशि‍यल रिजल्ट्स की लेट सबमिशन के लिए BSE से पेनल्टी झेल चुकी है। यह कंपनी का रेगुलेटरी ट्रैक रिकॉर्ड आने वाले नए मैनेजमेंट के लिए एक चुनौती पेश करेगा। इसके अलावा, एक बड़ा रेगुलेटरी रिस्क भी है: ओपन ऑफर पूरा होने के बाद, पब्लिक शेयरहोल्डिंग 25% के मिनिमम थ्रेशोल्ड से नीचे जा सकती है, जिसे SEBI के नियमों के तहत ठीक करना होगा। कंपनी अपना नाम बदलकर क्राफ्टरूट रिटेल लिमिटेड (Craftroot Retail Limited) भी कर रही है, जो बड़े स्ट्रक्चरिंग एफर्ट्स का संकेत है। निवेशकों को इस टेंडरिंग प्रोसेस पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए और यह देखना होगा कि नए एक्वायरर्स कंपनी को रिवाइव करने और रेगुलेटरी कंप्लायंस को कितनी अच्छी तरह मैनेज कर पाते हैं। ऑफर की अवधि 3 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक है।

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