Sai Silks (Kalamandir) Ltd. के शेयर में 2 अप्रैल 2026 को भारी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने हाल ही में Q4 FY26 और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने प्रोविजनल नतीजे जारी किए, जिसमें अपने ही ग्रोथ फोरकास्ट को मिस करने की बात सामने आई। Q4 का रेवेन्यू ₹419 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में महज 5% ज्यादा है, जबकि कंपनी ने 15% ग्रोथ का लक्ष्य रखा था। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 का टर्नओवर ₹1,653 करोड़ रहा, जो 13% की बढ़त है, यह भी 15% के लक्ष्य से कम है।
सितंबर 2023 में IPO के जरिए लिस्ट होने के बाद से, Sai Silks के शेयर की कीमत में भारी गिरावट आई है। शेयर ₹100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे कारोबार कर रहे हैं, जो IPO प्राइस ₹222 से लगभग 57% की गिरावट दर्शाता है। वहीं, साल 2026 के शुरुआत से अब तक यह 36.6% तक गिर चुका है। 1 अप्रैल 2026 तक, शेयर ₹90-₹101 के दायरे में ट्रेड कर रहे थे।
कंपनी की नई स्टोर खोलने की रणनीति, जिसमें FY26 में 13 नए स्टोर जोड़कर कुल 81 स्टोर किए गए, बिक्री बढ़ाने में कामयाब नहीं दिखी। आमतौर पर स्टोर विस्तार से रेवेन्यू बढ़ता है, लेकिन टारगेट मिस होना बताता है कि नए स्टोर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रहे या बाजार के अन्य कारक बिक्री को प्रभावित कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025 के अंत में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,486.08 करोड़ था, ऐसे में 13% की मामूली वृद्धि स्टोर विस्तार को देखते हुए संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा, FY 2018-19 से FY 2022-23 तक के लिए ₹20.87 करोड़ के टैक्स डिमांड ने भी कंपनी पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डाला है।
निवेशकों के बीच Sai Silks को लेकर संदेह के कई कारण हैं। लगातार रेवेन्यू गाइडेंस मिस करना, खासकर पब्लिक होने के बाद, कंपनी की फोरकास्टिंग और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर सवाल उठाता है। कंपनी को Aditya Birla Fashion and Retail, Trent, और Go Fashion जैसे बड़े खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जो अपने ऑनलाइन और ऑफलाइन नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं। कंपनी की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ हाल के दिनों में सिंगल डिजिट (FY25 में 6.37%) में रही है, जो सेक्टर की ग्रोथ से पीछे है और मार्केट शेयर में कमी या मुश्किलों का संकेत देती है।
निवेशकों का भरोसा वापस जीतने के लिए Sai Silks के सामने एक कठिन चुनौती है। कंपनी ने FY27 के लिए 15-20% रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, जो नए स्टोर खोलने से पूरा करने की उम्मीद है। हालांकि, टारगेट मिस करने का पिछला रिकॉर्ड इन दीर्घकालिक लक्ष्यों पर संदेह पैदा करता है। कुछ एनालिस्ट्स 'Strong Buy' की राय दे रहे हैं और एक ने ₹237 का टारगेट प्राइस दिया है, लेकिन कम कवरेज और खराब प्रदर्शन के कारण समग्र सेंटिमेंट सतर्क बना हुआ है।