मुनाफे का 'डबल इंजन': एक्सपोर्ट और नई सर्विसेज का कमाल
SBC Exports लिमिटेड ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के लिए शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का ऐलान किया है। कंपनी के मैनेजमेंट ने कॉस्ट कटिंग और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर ज़ोर दिया, जिसके नतीजे इन आंकड़ों में साफ दिख रहे हैं। EBITDA मार्जिन में 360.07% की भारी बढ़ोतरी के साथ यह 13.89% पर पहुंच गया। वहीं, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 182.09% बढ़कर ₹9.45 करोड़ रहा, और PBT मार्जिन 12.76% पर दर्ज किया गया।
9 महीने (9M FY26) के आंकड़े भी दमदार:
स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 26.41% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹196.66 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA में 91.04% का जबरदस्त इजाफा हुआ, जो ₹24.72 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन सुधरकर 37.37% हो गया। PBT 70.56% बढ़कर ₹23.35 करोड़ रहा, जिसका मार्जिन 33.69% दर्ज किया गया।
कंसॉलिडेटेड परफॉर्मेंस (Q3 FY26):
कंपनी की कंसॉलिडेटेड टोटल इनकम 45.53% बढ़कर करीब ₹104.84 करोड़ रही। कंसॉलिडेटेड EBITDA में 566.12% का तूफानी उछाल आया और यह ₹12.19 करोड़ पर जा पहुंचा, जबकि EBITDA मार्जिन 11.63% पर रहा। कंसॉलिडेटेड PBT 206.01% बढ़कर ₹11.20 करोड़ रहा, जिसका मार्जिन 10.36% रहा।
'गुणवत्ता' यानी Profitability में सुधार:
EBITDA मार्जिन में यह भारी-भरकम विस्तार, खासकर स्टैंडअलोन Q3 में 360% से अधिक पॉइंट का उछाल, कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और प्राइसिंग पावर को दर्शाता है। PBT में मजबूत ग्रोथ ने कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में आए सुधार पर मुहर लगाई है।
आगे का रास्ता (Outlook) और चुनौतियां:
SBC Exports को उम्मीद है कि मजबूत ऑर्डर बुक और बेहतर एग्जीक्यूशन क्षमताओं के दम पर चालू तिमाही (Q4 FY26) और आने वाली तिमाही (Q3 FY26) अब तक की सबसे मजबूत साबित होंगी। कंपनी को FY27 और उसके बाद भी लगातार ग्रोथ की उम्मीद है। भारतीय टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर में सरकारी पहलों, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) और ग्लोबल सोर्सिंग शिफ्ट्स से कंपनी को ज़बरदस्त टेलविंड्स मिलने की उम्मीद है। साथ ही, आईटी सपोर्ट सर्विसेज और टूर्स एंड ट्रेवल्स जैसी नई सर्विसेज में डाइवर्सिफिकेशन भी कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का अहम हिस्सा है।
हालांकि, ग्लोबल इकोनॉमिक स्लोडाउन से एक्सपोर्ट डिमांड पर असर, करेंसी के उतार-चढ़ाव और नई सर्विस एरिया में एग्जीक्यूशन की चुनौतियां संभावित जोखिम हो सकती हैं। लेकिन, कंपनी का हाई-मार्जिन सेगमेंट पर फोकस और मिडिल ईस्ट जैसे बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाना इसे मजबूती देगा।