📉 नतीजों का लेखा-जोखा
Shree Rajasthan Syntex Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के अन-ऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹3.52 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही (Q3 FY25) के ₹3.39 करोड़ की तुलना में 3.8% अधिक है। हालांकि, पिछले तिमाही (Q2 FY26) के ₹3.60 करोड़ से यह 2.2% कम है।
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि Q3 FY26 में कंपनी का नेट लॉस घटकर ₹2.22 करोड़ रहा। यह पिछले साल की इसी तिमाही के ₹3.59 करोड़ के मुकाबले 38.16% की बड़ी कमी है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में भी कुल नेट लॉस पिछले साल की समान अवधि के ₹7.05 करोड़ से 10.2% घटकर ₹6.33 करोड़ हो गया।
Q3 FY26 के लिए बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग पर शेयर (EPS) ₹(0.54) रहा। वहीं, नौ महीनों के लिए यह ₹(2.52) दर्ज किया गया।
🚨 ऑडिटर की कड़ी चेतावनी!
इन नतीजों के बीच सबसे चिंताजनक बात ऑडिटर की रिपोर्ट है। ऑडिटर्स ने कंपनी के लिए 'मटेरियल अनिश्चितता रिलेटेड टू गोइंग कंसर्न' (यानी, कंपनी के संचालन जारी रखने की क्षमता को लेकर महत्वपूर्ण अनिश्चितता) की चेतावनी जारी की है। यह गंभीर टिप्पणी कंपनी के संचित नुकसान (accumulated losses) और वर्तमान देनदारियों (current liabilities) का वर्तमान संपत्तियों (current assets) से काफी अधिक होना दर्शाती है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति काफी नाजुक दिख रही है।
कंपनी का मैनेजमेंट इस स्थिति से निपटने के लिए निवेशकों से नई फंडिंग जुटाने और गैर-वर्तमान संपत्तियों (non-current assets) को बेचने की योजना बना रहा है, ताकि संचालन जारी रखा जा सके।
अन्य वित्तीय गतिविधियां
कंपनी ने RIICO को Texchem प्रोजेक्ट के निपटारे के लिए ₹0.99 करोड़ का क्षतिपूर्ति भुगतान (compensation) किया। इसके अलावा, अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए, Shree Rajasthan Syntex ने ₹16.87 करोड़ की दो प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (preferential allotments) पूरी की हैं। इस फंड का उपयोग वित्तीय क्रेडिटर्स (financial creditors) का भुगतान करने, वर्किंग कैपिटल (working capital) की जरूरतों को पूरा करने, कर्मचारियों के बकाए चुकाने और नई मशीनरी के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) के लिए किया जाएगा।
🚩 भविष्य की राह और जोखिम
Shree Rajasthan Syntex का भविष्य गोइंग कंसर्न पर ऑडिटर की चेतावनी के कारण काफी अनिश्चित दिख रहा है। हालांकि, नेट लॉस में कमी और NCLT-अनुमोदित योजना के तहत प्री-पैकेज्ड इंसॉल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोसेस (PPIRP) का पूरा होना परिचालन में सुधार के संकेत देते हैं। लेकिन, कंपनी अपनी देनदारियों को पूरा कर पाएगी और भविष्य में सामान्य रूप से काम कर पाएगी या नहीं, यह कहना मुश्किल है।
निवेशकों को कंपनी की प्रस्तावित फंडिंग हासिल करने और अपनी लायबिलिटीज़ को मैनेज करने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। भविष्य में पूंजी डालने और संपत्तियों को बेचने पर निर्भरता कंपनी के उच्च जोखिम को दर्शाती है।