PDS Limited के निवेशकों के लिए तिमाही नतीजे कुछ मिले-जुले रहे। कंपनी के रेवेन्यू में जहां मामूली 1.5% की बढ़ोतरी हुई, वहीं प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 18% की भारी गिरावट दर्ज की गई।
9 महीनों के लिए देखें तो कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹9,591 करोड़ तक पहुंचा है। लेकिन, तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में यह ग्रोथ धीमी होकर सिर्फ 1.5% पर रह गई।
इस मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजहें बढ़ी हुई लागतें हैं। एम्प्लॉई एक्सपेंस में 9% का इजाफा हुआ, जो नई एक्विजिशन (Knit Gallery) और वेरिएबल पेमेंट्स के चलते बढ़ा। इसके अलावा, अन्य ऑपरेटिंग खर्चों में 21% की बढ़त देखी गई, जिसमें Knit Gallery की लागतें और लाइसेंस फीस शामिल हैं। फाइनेंस कॉस्ट भी बढ़ी है। कंपनी ने बताया कि Gerry Weber जैसे कुछ वेंडर्स के दिवालिया होने और Matalan में चल रही रीस्ट्रक्चरिंग की वजह से भी परफॉरमेंस पर असर पड़ा। साथ ही, कस्टमर्स की सावधानी के चलते करीब $15 मिलियन (लगभग ₹140-150 करोड़) की सेल्स भी टाल दी गईं।
हालांकि, कंपनी ने लागत प्रबंधन (Cost Management) में कुछ अच्छी पकड़ दिखाई है। Q3 FY26 में ग्रॉस मार्जिन में शानदार 236 बेसिस पॉइंट का इजाफा हुआ, और 9 महीनों के लिए यह 45 बेसिस पॉइंट बढ़ा। EBITDA मार्जिन भी Q3 में 28 बेसिस पॉइंट बढ़ा।
कर्ज के मोर्चे पर PDS Limited ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। दिसंबर 2025 तक नेट डेट घटकर सिर्फ ₹70 करोड़ रह गया है, जो मार्च 2025 में ₹374 करोड़ था। इससे नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो घटकर 0.2 पर आ गया है। कंपनी का वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट भी टाइट है, करीब 7 दिन पर। 9 महीनों में ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹644 करोड़ रहा।
कंपनी अपनी नई एक्विजिशन Knit Gallery को इंटीग्रेट कर रही है, जिससे अगले साल 40% से 50% ग्रोथ की उम्मीद है। PDS Sourcing-as-a-Service के तहत करीब $1 बिलियन के बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स पर काम कर रही है। अमेरिका में Walmart, Target, PVH और T.J. Maxx जैसे नए बड़े कस्टमर्स को जोड़ा गया है, जिससे Q4 FY26 तक वहां प्रॉफिटेबिलिटी की उम्मीद है।
मैनेजमेंट का मानना है कि अगले 1 से 2 क्वार्टर में मार्केट विजिबिलिटी सुधरेगी और कंपनी मीडियम-टर्म में रिकवरी करेगी। PDS के सबसे बड़े कस्टमर Primark ने अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए 10% से 15% की ग्रोथ का अनुमान जताया है।
इस नतीजों के बीच, कंपनी में कुछ अहम नेतृत्व बदलाव भी हुए हैं। राहुल आहूजा अब ऑपरेशनल रोल से हटकर स्ट्रैटेजिक एडवाइजर बनेंगे, वहीं सादिक सुनासारा को नया ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया गया है।
