Nitin Spinners के शेयरों में आज रिकॉर्डतोड़ तेजी देखने को मिली। स्टॉक **₹617.55** के अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया, जो कि जनवरी 2026 के बाद से **104%** की जबरदस्त बढ़त है। कंपनी के Q1FY27 में **83%** बढ़े मुनाफे (Profit) ने इस तूफानी तेजी को हवा दी है।
Nitin Spinners में निवेशकों की चांदी!
कपड़ा बनाने वाली कंपनी Nitin Spinners के शेयरों ने 19 अगस्त 2026 को ₹617.55 का नया रिकॉर्ड स्तर छुआ। यह कंपनी के लिए एक बड़ी वापसी है, क्योंकि जनवरी 2026 में शेयर ₹302.20 के निचले स्तर पर थे। यानी, साल की शुरुआत से अब तक निवेशकों को लगभग 104% का शानदार रिटर्न मिला है। बाजार की चाल से अलग, यह प्रदर्शन कंपनी के मजबूत नतीजों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
Q1FY27 के नतीजे दमदार
अप्रैल-जून 2026 (Q1FY27) तिमाही के नतीजे काफी दमदार रहे। कंपनी का रेवेन्यू 10.3% बढ़कर ₹875.03 करोड़ पर पहुंच गया। सबसे खास बात यह है कि नेट प्रॉफिट में 83.6% की भारी उछाल आई और यह ₹75.27 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार हुआ, जो पिछले साल के 14.02% से बढ़कर 17.78% हो गया। इसकी वजह यार्न की अच्छी कीमतें और लगातार बनी डिमांड रही।
प्रोडक्शन पर फोकस, बड़े ब्रांड्स को सप्लाई
कंपनी की प्रोडक्शन क्षमता का इस्तेमाल काफी अच्छे लेवल पर है। स्पिनिंग यूनिट्स लगभग 98% और फैब्रिक यूनिट्स करीब 92% क्षमता पर चल रही हैं। Nitin Spinners, Raymond, Arvind, Zara और H&M जैसे बड़े ब्रांड्स को भी अपने उत्पाद सप्लाई करती है, जिससे रेवेन्यू में स्थिरता बनी रहती है।
₹1,350 करोड़ का एक्सपेंशन प्लान और रिस्क
कंपनी ₹1,350 करोड़ के बड़े एक्सपेंशन प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जिसमें टेक्सटाइल और रिन्यूएबल एनर्जी दोनों डिविजन शामिल हैं। हालांकि, यह ग्रोथ कंपनी के लिए कुछ जोखिम भी लेकर आती है। इतना बड़ा निवेश कैश फ्लो और डेट पर दबाव डाल सकता है, खासकर नई प्रोडक्शन लाइनों के शुरूआती दौर में। इन प्रोजेक्ट्स की सफलता काफी हद तक डिमांड पर निर्भर करेगी, जो ग्लोबल कॉटन की कीमतों और एक्सपोर्ट मार्केट की स्थिति के प्रति संवेदनशील हो सकती है।
आगे क्या? डिविडेंड का भी ऐलान
कंपनी ने 21 सितंबर 2026 को अपनी 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है। शेयरहोल्डर्स फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹3 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड पर वोट करेंगे। निवेशकों की नजरें ₹1,350 करोड़ के एक्सपेंशन प्रोजेक्ट की प्रगति, कॉटन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की कंपनी की क्षमता और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डिमांड के ट्रेंड पर रहेंगी।
