📉 अधिग्रहण की कहानी और वित्तीय आंकड़े
इस ओपन ऑफर की कहानी 4 दिसंबर, 2025 को हुए एक शेयर खरीद समझौते (Share Purchase Agreement - SPA) से शुरू होती है। इस समझौते के तहत, मिस्टर बैरागी ने मौजूदा प्रमोटर मिस्टर अतुल कुमार मिश्रा से 84,80,331 शेयर यानी 36.62% हिस्सेदारी ₹4.20 प्रति शेयर के भाव पर खरीदने की सहमति दी थी। अब, यदि ओपन ऑफर में पूरी स्वीकार्यता मिल जाती है, तो मिस्टर बैरागी JMG Corporation के कुल वोटिंग शेयर कैपिटल का लगभग 62.62% हिस्सा अपने नाम कर लेंगे, जिससे वे कंपनी के नए प्रमोटर बन जाएंगे और मिस्टर मिश्रा की जगह लेंगे।
पूरे ओपन ऑफर के लिए, यदि अधिकतम शेयरधारिता स्वीकार की जाती है, तो ₹3,19,11,580.90 की कुल राशि का भुगतान करना होगा। एक्वायरर ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके पास इसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन मौजूद हैं और उन्होंने ₹81,00,000 की राशि पहले ही एक एस्क्रो अकाउंट में जमा करा दी है। ऑफर का जो भाव ₹5.30 प्रति शेयर तय किया गया है, वह SEBI (SAST) रेगुलेशंस के नियमों के अनुसार है। यह कीमत SPA में तय हुए भाव (₹4.20) और पिछले 60 दिनों की वॉल्यूम-वेटेड एवरेज मार्केट प्राइस (₹5.27, जिसे राउंड ऑफ किया गया है) में से जो भी ज़्यादा है, उसके बराबर रखी गई है।
मिस्टर बैरागी, जो टेक्सटाइल और अपैरल इंडस्ट्री में बिजनेस का अनुभव रखते हैं, JMG Corporation के मौजूदा ग्रीन एनर्जी कंसल्टिंग और ट्रेडिंग के काम में टेक्सटाइल ट्रेडिंग का नया सेगमेंट जोड़ना चाहते हैं। इस विविधीकरण (diversification) का मकसद कंपनी के बिजनेस को और बढ़ाना है।
🚩 जोखिम और भविष्य का संकेत
लेकिन, निवेशकों को इस ऑफर और कंपनी से जुड़े बड़े जोखिमों पर भी गौर करना होगा। JMG Corporation Limited के शेयर फिलहाल ग्रेडेड सर्विलांस मेजर्स (GSM) के स्टेज 4 के तहत हैं। इसका मतलब है कि शेयरों में ज्यादा उतार-चढ़ाव के कारण इन पर खास निगरानी रखी जा रही है। कंपनी के पुराने फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स को देखें तो परफॉरमेंस में काफी अस्थिरता रही है, और कुछ समय में कंपनी को घाटा भी हुआ है। इसके अलावा, कंपनी छोड़ने वाले प्रमोटर, मिस्टर अतुल कुमार मिश्रा, पर SEBI (SAST) रेगुलेशंस के तहत जरूरी खुलासे करने में देरी का भी रिकॉर्ड रहा है, जिससे कंपनी के गवर्नेंस पर सवाल खड़े हो सकते हैं। पैसे के भुगतान में देरी या जरूरी सरकारी मंजूरी मिलने में होने वाली देरी जैसे जोखिम भी बताए गए हैं।
टेक्सटाइल ट्रेडिंग में उतरने की यह नई योजना, जिसे विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है, निवेशकों के लिए एक नया पहलू लेकर आई है। उन्हें कंपनी की मौजूदा परिचालन (operational) स्थिति और बीते प्रदर्शन, जिसमें पिछले 3 सालों में -26.17% की खराब रेवेन्यू ग्रोथ और पिछले 5 सालों में -24.72% के बेहद कम EBITDA मार्जिन शामिल हैं, का मूल्यांकन करना होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विविधीकरण रणनीति कितनी सफल होती है और इसका कंपनी की लाभप्रदता (profitability) पर क्या असर पड़ता है।
