आंध्र प्रदेश सरकार ने Kitex Garments को राज्य में **2,000 एकड़** का विशाल टेक्सटाइल पार्क विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि कंपनी अभी इस पर विचार कर रही है, लेकिन निवेशकों की नजर जून **2026** तिमाही में हुए **₹171.2 करोड़** के नेट लॉस पर टिकी है।
बड़े प्रोजेक्ट पर चर्चा
कोच्चि स्थित टेक्सटाइल दिग्गज Kitex Garments के पास आंध्र प्रदेश सरकार से एक बड़ा प्रस्ताव आया है। राज्य के आईटी और मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कोच्चि में कंपनी के मैनेजमेंट से मुलाकात की। इस प्रस्ताव का उद्देश्य राज्य में बड़े पैमाने पर गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है, ताकि कच्चे कपास की प्रोसेसिंग बाहर भेजने के बजाय स्थानीय स्तर पर हो सके।
क्या कंपनी तैयार है?
फिलहाल यह सिर्फ शुरुआती चर्चा है। कंपनी की ओर से अभी कोई औपचारिक सहमति नहीं बनी है। मैनेजिंग डायरेक्टर साबू एम. जैकब ने साफ किया है कि कंपनी अभी अपने मौजूदा ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित कर रही है और फिलहाल नए निवेश की कोई तत्काल योजना नहीं है। प्रोजेक्ट के लिए जमीन, फंडिंग और टाइमलाइन जैसे मुद्दों पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
खराब नतीजों का साया
निवेशक इस संभावित विस्तार को कंपनी के हालिया निराशाजनक प्रदर्शन के चश्मे से देख रहे हैं। जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी को ₹171.2 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। यही वजह है कि पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में लगभग 38% की गिरावट दर्ज की गई है।
चुनौतियां और भविष्य की राह
टेक्सटाइल सेक्टर अभी अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में कमजोर डिमांड और कच्चे कपास की अस्थिर कीमतों से जूझ रहा है। इसके अलावा, Kitex पहले से ही तेलंगाना में अपने विस्तार प्रोजेक्ट में भारी निवेश कर रही है। अब निवेशकों की नजर इस पर है कि कंपनी अपने मौजूदा विस्तार और वित्तीय बाधाओं के बीच इस नए प्रस्ताव को कैसे संभालती है।
