कर्नाटक सरकार ने नई 'Textile & Apparel Policy 2026-31' पेश की है, जिसके तहत **₹4,000 करोड़** का फंड रखा गया है। इसका लक्ष्य प्राइवेट सेक्टर से **₹20,000 करोड़** का निवेश खींचना और **5 लाख** नई नौकरियां पैदा करना है।
कर्नाटक सरकार ने आने वाले 5 सालों के लिए अपनी नई टेक्सटाइल पॉलिसी का खाका तैयार कर लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के टेक्सटाइल प्रोडक्शन को आधुनिक बनाना और ग्लोबल मार्केट में इसे और भी कॉम्पिटिटिव (Competitive) बनाना है।
मैन्युफैक्चरिंग का विकेंद्रीकरण (Decentralization)
अब तक टेक्सटाइल इंडस्ट्री मुख्य रूप से बेंगलुरु के आसपास सिमटी हुई थी, लेकिन नई पॉलिसी के तहत इसे 34 नए तालुकों में फैलाया जाएगा। इससे कंपनियों की लॉजिस्टिकल लागत कम होगी और सप्लाय चेन ज्यादा मजबूत हो सकेगी।
सिल्क इंडस्ट्री पर खास फोकस
राज्य सरकार ने अब सिल्क यार्न प्रोडक्शन, रीलिंग और स्पिनिंग को सीधे 'Department of Handlooms and Textiles' के दायरे में ले लिया है। इस कदम से विदेशी सिल्क पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय मैन्युफैक्चरर्स को कच्चा माल सस्ती दरों पर मिल सकेगा।
PM MITRA पार्क से बड़ी उम्मीदें
इस पॉलिसी के केंद्र में कलबुर्गी (Kalaburagi) का PM MITRA पार्क है। जो कंपनियां यहाँ अपने प्लांट लगाएंगी, उन्हें पावर सब्सिडी, जमीन और कैपिटल स्पेंडिंग पर खास छूट मिलेगी। यह उन कंपनियों के लिए एक गेम-चेंजर हो सकता है जो पतले मुनाफे (Thin Margins) वाले इस बिजनेस में काम कर रही हैं। हालांकि, लॉन्ग टर्म में इस पॉलिसी की सफलता सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की रफ्तार और ग्लोबल डिमांड पर निर्भर करेगी।
