KPR Mill के शेयरों में आज **2%** से ज़्यादा की तेज़ी देखी गई। कंपनी ने **₹1,225 करोड़** की विस्तार योजना का ऐलान किया है और जून 2026 तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट में **21.55%** की शानदार साल-दर-साल बढ़ोतरी दर्ज की है।
क्षमता विस्तार और नई सुविधाएं
KPR Mill के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने और उसे आधुनिक बनाने के लिए ₹1,225 करोड़ के बड़े निवेश को मंज़ूरी दी है। इस योजना के तहत, कंपनी ओडिशा में 4.5 करोड़ गारमेंट्स की क्षमता वाली एक नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी। इसके साथ ही, तमिलनाडु स्थित मौजूदा प्लांट्स के आधुनिकीकरण पर भी काम होगा।
फंडिंग की रणनीति
निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि कंपनी इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए अपने इंटरनल कैश रिसोर्सेज का इस्तेमाल करेगी, न कि कोई नया लोन लेगी। इससे कंपनी का लो-डेट प्रोफाइल (Debt-to-Equity Ratio 0.10 मार्च 2026 तक) मज़बूत बना रहेगा। मैनेजमेंट का अनुमान है कि यह नई क्षमता पूरी तरह चालू होने के बाद सालाना करीब ₹2,000 करोड़ का अतिरिक्त टर्नओवर जेनरेट करेगी।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
विस्तार योजना के साथ ही, कंपनी ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए भी दमदार नतीजे पेश किए हैं। KPR Mill का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,935.52 करोड़ रहा। सबसे खास बात यह है कि नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹258.54 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 21.55% ज़्यादा है। इस तिमाही के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹7.56 रहा।
जोखिम और मार्केट की चाल
हालांकि, विस्तार योजनाओं और मौजूदा मुनाफे से कंपनी की स्थिति मज़बूत दिख रही है, लेकिन बड़े प्रोजेक्ट्स में कुछ जोखिम भी शामिल होते हैं। ओडिशा जैसे नए राज्य में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने में एग्जीक्यूशन रिस्क, यानी निर्माण और चालू होने के दौरान देरी या अतिरिक्त खर्च का जोखिम हो सकता है।
इसके अलावा, टेक्सटाइल बिजनेस बाहरी कारकों जैसे कॉटन जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल डिमांड में बदलाव के प्रति संवेदनशील होता है। कंपनी का प्रदर्शन इन बाहरी फैक्टर्स से प्रभावित हो सकता है।
आगे चलकर, निवेशकों को ओडिशा प्रोजेक्ट के चालू होने की टाइमलाइन और कंपनी की मुनाफा मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखनी होगी।
