भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट्स पर बड़ा झटका! US की डिमांड कमजोर, **29%** गिरी शिपमेंट

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AuthorMehul Desai|Published at:
भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट्स पर बड़ा झटका! US की डिमांड कमजोर, **29%** गिरी शिपमेंट
Overview

भारत के टेक्सटाइल और गारमेंट एक्सपोर्ट्स (Textile and Garment Exports) में अमेरिका को लेकर एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। फरवरी **2026** में ये एक्सपोर्ट्स **28.7%** तक गिर गए, जो लगातार छठे महीने की मंदी को दर्शाता है।

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अमेरिकी कंज्यूमर की घटती मांग के चलते भारत के टेक्सटाइल और गारमेंट एक्सपोर्ट्स (Textile and Garment Exports) को बड़ा झटका लगा है। फरवरी 2026 में अमेरिका को भेजे जाने वाले भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट्स में 28.7% की भारी गिरावट आई, जो $0.63 बिलियन तक पहुंच गए। यह लगातार छठा महीना है जब एक्सपोर्ट्स में कमी देखी जा रही है। जनवरी-फरवरी 2026 की अवधि में, अमेरिका को भारतीय टेक्सटाइल का इम्पोर्ट $1.34 बिलियन रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में $1.69 बिलियन था।

शुरुआत में, एक्सपोर्टर्स को अमेरिका की भारी टैरिफ (Tariff) दरों से जूझना पड़ा था, जो कुछ मौकों पर 50% तक पहुंच गई थीं। हालांकि, 20 फरवरी, 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इन टैरिफ्स को खत्म कर दिया और 10% का ग्लोबल टैरिफ लागू किया। इसके बाद 4 फरवरी, 2026 के आसपास ट्रेड नेगोशिएशन्स (Trade Negotiations) के चलते कई भारतीय सामानों पर बेसलाइन टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया गया। इन टैरिफ राहतों के बावजूद, मार्केट में रिकवरी धीमी है। इंडस्ट्री सूत्रों का कहना है कि पीक सीजन के ऑर्डर मिस होने की वजह से, टैरिफ में मिली राहत भी तुरंत मार्केट में वापसी और रेवेन्यू बढ़ाने की गारंटी नहीं दे सकती।

कुल मिलाकर, जनवरी-फरवरी 2026 में अमेरिकी टेक्सटाइल इम्पोर्ट मार्केट 13.47% घटकर $11.53 बिलियन रहा। इस मुश्किल दौर में, वियतनाम (Vietnam) अमेरिका का टॉप अपैरल एक्सपोर्टर (Apparel Exporter) बनकर उभरा है। 2026 के पहले दो महीनों में वियतनाम ने $2.99 बिलियन के शिपमेंट भेजे, जो पिछले साल की तुलना में 5.0% अधिक है। वहीं, चीन (China) के एक्सपोर्ट्स में भारी गिरावट आई है। जनवरी-फरवरी 2026 में चीन के एक्सपोर्ट्स 57.65% गिरकर $1.17 बिलियन पर आ गए, जिससे वह तीसरे स्थान पर खिसक गया। बांग्लादेश (Bangladesh) दूसरे सबसे बड़े सप्लायर के रूप में उभरा है, जिसने इसी अवधि में $1.37 बिलियन का एक्सपोर्ट किया, हालांकि इसमें 8.53% की गिरावट आई है।

टैरिफ के अलावा, अमेरिका और दुनियाभर में घटता कंज्यूमर कॉन्फिडेंस (Consumer Confidence) सेल्स को धीमा कर रहा है। मार्च 2026 में अमेरिकी कंज्यूमर कॉन्फिडेंस थोड़ा बढ़कर 91.8 हुआ, लेकिन भविष्य की उम्मीदें कमजोर दिखीं। इन्फ्लेशन (Inflation) और लागत संबंधी चिंताओं के कारण कंज्यूमर अब वैल्यू फॉर मनी (Value for Money) पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं और सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं। इस मांग की कमजोरी का मतलब है कि टैरिफ में कमी भी सुस्त बिक्री की भरपाई नहीं कर पा रही है।

हालिया टैरिफ कटौती के बावजूद, भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर (Textile Sector) को संरचनात्मक चुनौतियों (Structural Challenges) का सामना करना पड़ रहा है। Arvind Fashions Ltd. जैसी कंपनियां नेगेटिव प्राइस-टू-अर्निंग (Price-to-Earnings) रेशियो दिखा रही हैं, जो -329.1x के स्तर पर है। Raymond Ltd. के पीई रेशियो (P/E Ratios) भी बहुत कम हैं (अप्रैल 2026 तक 0.1739) और 1-साल के रिटर्न भी नेगेटिव [-16.67%] हैं, जो मौजूदा ट्रेड पॉलिसी बदलावों से परे वित्तीय दबाव को दर्शाता है।

टैरिफ में कमी और ट्रेड एग्रीमेंट्स (Trade Agreements) से एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा मिल सकता है, लेकिन भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट्स का भविष्य अमेरिकी कंज्यूमर की सेहत और ग्लोबल डिमांड पर टिका है। एक्सपोर्टर्स बेहतर टैरिफ स्ट्रक्चर का फायदा उठाने की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन मांग में नरमी और पीक सीजन के ऑर्डर चूकने के बाद खरीदारों के साथ संबंध फिर से बनाने की चुनौती एक जटिल रिकवरी का संकेत देती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.